मध्य प्रदेश राजपूत समाज द्वारा आयोजित 7वें युवक-युवती परिचय सम्मेलन में समाज के लिए एक नई दिशा का आह्वान किया गया। रविवार को महाराणा प्रताप भवन, चार इमली में आयोजित इस सम्मेलन में लगभग 500 परिवारों के बच्चों ने अपना जीवनसाथी चुनने के लिए अपनी पसंद-नापसंद जाहिर की। इस अवसर पर संयोजक संतोष सिंह ठाकुर और सह संयोजक यशवंत सिंह परिहार ने बताया कि सम्मेलन में आए युवाओं और युवतियों ने अपनी पसंद में ऐसे जीवनसाथी की इच्छा जताई, जो शराब न पीते हों और मांसाहार से दूर रहते हों। एक युवती ने साफ तौर पर कहा कि, “जो दहेज की मांग करें, कृपया वे मेरे माता-पिता से संपर्क न करें।” वहीं, मुल्ताई से आए एक युवक ने दहेज के खिलाफ खड़ा होकर कहा कि उन्हें दहेज की कोई आवश्यकता नहीं है। यह सम्मेलन समाज में सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा कर रहा है। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह, जोनल अध्यक्ष विमलेश ठाकुर, महाराणा प्रताप ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य डी एस भदोरिया, पूर्व कुलपति भोज विश्वविद्यालय कमलाकर सिंह और समाज के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट विनय भदोरिया ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर केबीसी विजेता ट्विंकल भाटी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सम्मेलन में समाज के प्रथा-प्रवृत्तियों से जुड़ी जागरूकता फैलाने के लिए सभी अभिभावकों और युवाओं को सामूहिक शपथ दिलाई गई, जिसमें खर्चीली शादियों को रोकने का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही समाज की मासिक पत्रिका ‘राजपूत दर्पण’ के विशेषांक “परिचय 2024” का भी लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन ऋतुराज सिंह परमार, डॉ. अनीता भदौरिया और CA ज्योति चौहान ने किया। कार्यक्रम के अंत में यशवंत सिंह परिहार ने उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।


