मारवाड़ जंक्शन विधानसभा क्षेत्र के जोजावर में अनजी की ढाणी में ओरण की 240 बीघा जमीन के आबंटन मामले को लेकर बुधवार को विधानसभा में मुद्दा उठाया गया। मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने ओरण की यह जमीन नियम विरुद्ध पूर्व विधायक खुशवीरसिंह जोजावर, उनके पुत्र-पत्नी व परिचितों के नाम आबंटित कर दी, जबकि ओरण की यह जमीन भगवान के नाम की थी। इस मामले पर संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल, सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सदन में केसाराम का साथ देते हुए कह दिया कि यह तो कांग्रेस के कर्म हैं, जिन्होंने भगवान की जमीन को भी नहीं छोड़ा। प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली समेत विपक्ष के नेताओं ने कांग्रेस पर टिका-टिप्पणी का विरोध करते हुए सतापक्ष के आरोप को नकारा। इस पर दोनों पक्षों में कई बार नोक-झोंक और जुबानी जंग की स्थिति हो गई। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इसे गंभीर विषय बताते हुए राजस्व मंत्री को इसकी विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने उक्त ओरण की जमीन के आबंटियों के नाम विधानसभा में पढ़कर सुनाए तो विपक्ष ने फिर से हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामा करने वाले विपक्षी विधायकों को विधानसभा में बाहर निकालने तक की चेतावनी दे दी। रेवेन्यू कोर्ट के फैसलों से दर्ज हुई : खुशवीर मामले में पूर्व विधायक खुशवीर सिंह का कहना है कि अनजी की ढाणी के पुराना खसरा नंबर 806 की भूमि राजस्व रेकर्ड के खतौनी बंदोबस्त तहसील खारची संवत् 2010-19 खाता नंबर 547 केसरीसिंह जागीरदार के नाम गैर मुमकिन कब्जा व गैर मुमकिन ओरण दर्ज थी। जागीरदार केसरीसिंह के व्यक्तिगत नाम पर कब्जा दर्ज है। विधिक प्रक्रिया एवं राजस्व न्यायालय के फैसलों से भूमि अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्ज हुई।


