पिंक बोर्म (गुलाबी सुंडी) के हमले से प्रभावित गेहूं की फसल को किसान लगातार टरैक्टर चला कर जोत रहे हैं। आज जिला बरनाला के गांव वजीदके खुर्द और अमला सिंह वाला में दो किसानों ने अपनी फसलों पर ट्रैक्टर चला दिया। गांव वजीदके के किसान लक्खा सिंह ने बताया कि उनकी दो एकड़ गेहूं की फसल को गुलाबी कीट ने खा लिया है। जिसका कोई समाधान नहीं होने से वह फसल लगाने को मजबूर है। वहीं अमला सिंह वाला के किसान दर्शन सिंह ने बताया कि गुलाबी सुंडी के कारण गेहूं के खेत बर्बाद हो गया है। जिसे जोतकर अब नए सिरे से गेहूं की बुवाई की जाएगी। दोनों किसानों का कहना है कि सरकार के निर्देशानुसार पराली जलाये बिना गेहूं की बुआई करना उनके लिए महंगा सौदा बन गया है। गेहूं के बीज, बुआई, स्प्रे आदि की लागत दोगुनी हो गई है। जिसके लिए सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। बीकेयू डकौंदा के जिला नेता जगराज सिंह हरदासपुरा और ब्लॉक अध्यक्ष नानक सिंह ने कहा कि पराली जलाने पर जुर्माना लगाने वाली सरकार और प्रशासन को अब सुंडी से पीड़ित किसानों को मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के आर्थिक नुकसान की भरपाई नहीं की गई तो संगठन संघर्ष करने को बाध्य होगा।


