रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। शहर के राणा प्रताप नगर स्टेशन पर इसी माह एक नया प्लेटफार्म मिलेगा, साथ ही एक नई रेलवे लाइन भी शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही कानपुर-मादड़ी रोड की तरफ बनी नई बिल्डिंग यानी सैकंड एंट्री का भी श्रीगणेश भी होगा। इस बिल्डिंग में पहली बार कोई विभाग शुरू होगा। 11 फरवरी को स्टेशन मास्टर कैबिन को शिफ्ट किया जाएगा। ये सभी 11 फरवरी के बाद किसी भी दिन इसी माह में शुरू हो जाएंगे। हालांकि, टिकट बुकिंग काउंटर, पार्किंग समेत यात्रियों से जुड़ी अन्य सुविधाएं अब भी ठोकर चौराहे की तरफ बनी मुख्य स्टेशन बिल्डिंग में रहेंगी। एक प्लेटफॉर्म जुड़ने से इस स्टेशन पर 3 प्लेटफार्म हो जाएंगे और एक लाइन बढ़ने के बाद चार लाइनें हो जाएंगी। इससे यात्रियों को आसानी होगी। नया प्लेटफार्म उन्हें भीड़-भाड़ से राहत दिलाएगा। सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी। नई लाइन से ट्रेनों की क्रॉसिंग का समय बचेगा। उन्हें आउटर स्टेशनों पर नहीं रोकना पड़ेगा। कई नई ट्रेनें सिटी स्टेशन की जगह इस स्टेशन से भी शुरू हो सकेंगी। प्लेटफार्म व लाइन को शुरू करने के लिए रेलवे 6 से 11 फरवरी के बीच अंतिम चरण का तकनीकी कार्य पूरा कर देगा। इसके बाद 11 फरवरी से अलग-अलग ट्रायल होंगे और किसी भी दिन रेल लाइन व प्लेटफार्म को शुरू कर दिया जाएगा। इस स्टेशन पर रोज 5 से 8 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। आउटर पर नहीं अटकेंगी ट्रेनें, भीड़ से मुक्ति, सुविधाएं भी बढ़ेंगी राणा प्रताप नगर पर अमृत भारत योजना के तहत अगस्त 2023 में पुनर्विकास के काम शुरू हुए। यहां 20.90 करोड़ के काम होंगे। अभी यहां केवल ठोकर चौराहे की तरफ से एंट्री व निकास था। अब कानपुर-मादड़ी रोड की तरफ तीन मंजिला बिल्डिंग बनाई है। इसमें अलग-अलग प्रवेश व निकास द्वार के साथ पार्किंग की सुविधा है। एलिवेटर, वेटिंग रूम, रिटायरिंग रूम, खान-पान की दुकानों समेत कई सुविधाएं हैं। अभी तीन लाइन होने से कई बार प्लेटफॉर्म खाली नहीं मिलता था। ऐसे में जयपुर-कोटा से आने वाली ट्रेनों को आउटर स्टेशन देबारी तथा अहमदाबाद से आने वाली ट्रेनों को उमरड़ा स्टेशन पर खड़ा रखा जाता था। यह स्टेशन शहर के बीच है और सिटी स्टेशन से 4-5 किमी दूर है। सिटी स्टेशन का भार घटेगा। राणा प्रताप नगर पर अब भी एक बड़ी परेशानी कायम है। यह है फुट ओवरब्रिज की। विकास कार्यों के चलते बीते एक साल से यह बंद है। इसे नई रेलवे लाइन के ऊपर से नई एंट्री बिल्डिंग तक जोड़े जाने का काम भी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में यात्रियों को पटरी पार कर ही एक से दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंचना पड़ रहा है। इससे हादसों का खतरा बना रहता है।


