मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा कराने का झांसा देकर भाई-बहन से आठ लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने आदर्शनगर थाने में प्राइवेट डॉक्टर व एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया। माखुपुरा अजमेर में रहने वाले युवराजसिंह रावत ने जयपुर के बगरू हाल माखुपुरा हटूंडी चौराहा श्री बालाजी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. बालकिशोर शर्मा व जयपुर गोपालपुरा उड़ान एज्युकेशन के संचालक पीयुष कुमार पाण्डे (50) के खिलाफ मामला दर्ज कराया। रिपोर्ट में बताया कि 4 साल पहले माखुपुरा में डॉ. बालकिशोर शर्मा से अस्पताल में मुलाकात हुई और शर्मा ने डिप्लोमा इन रेडिएशन एण्ड इमेजिंग टेक्नोलॉजी कोर्स राजस्थान के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कराने के लिए पीयुष पाण्डे से मिलवाया। उन्होंने उसे कोर्स के बाद सरकारी नौकरी लगने का आश्वासन दिया। कोर्स में 4 लाख रुपए का खर्च बताया। शर्मा पर विश्वास कर उसने 4 लाख रुपए दे दिए और दो साल में परीक्षा दिलवाकर डिप्लोमा देने की बात कही। दो साल गुजरने पर उसने डा. शर्मा से कोर्स के संबंध में बात की तो कहा कि उसका अभी चयन नहीं हुआ है। डॉ. शर्मा ने मामला दबाने के लिए उसे अपने अस्पताल में जॉब दे दी। युवराज ने बताया कि अस्पताल काम करने के दौरान डॉ. शर्मा ने उसे उसकी बहन सपना को भी डिप्लोमा दिलाने की बात कही। बहन को भी कोर्स कराने के लिए बहनोई डूंगरसिंह ने 17 अप्रैल 2023 को 75 हजार, बहन की सास प्रभादेवी ने 85 हजार रुपए शर्मा के खाते में जमा करवाए। बाकि 2 लाख 40 हजार रुपए के साथ पिता ज्ञानसिंह से बहन के दस्तावेज ले लिए। तब से वह अस्पताल में काम करता रहा लेकिन डॉ. शर्मा ने उसको वेतन नहीं दिया। संमय बीतने पर युवराज ने शर्मा से डिप्लोमा कोर्स के दस्तावेज नहीं देने पर 8 लाख रुपए मांगे। शर्मा ने विश्वास के लिए एक इकरारनामा किया। जिसमें डिप्लोमा कोर्स के लिए 4 लाख रुपए व अस्पताल में काम का वेतन 7 लाख 20 हजार रुपए देने की बात कही। उन्होंने 2 माह में डिप्लोमा व अंक तालिका नहीं देने पर 2 लाख रुपए अतिरिक्त देने की बात कही। फिर कुछ समय बाद शर्मा ने सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के दस्तावेज दिए। उसने बाहर की डिग्री का विरोध किया तो कहा कि जो दी है, वो ले लो वरना झूठा मुकदमा दर्ज करवा जेल भिजवा दूंगा। रकम लौटाने की बात पर डॉ. शर्मा ने उसे धमकी दी।


