ऑस्ट्रेलिया में सांसद बनीं पहली महिला सिख:डॉ. परमिंदर नवांशहर की रहने वालीं, ताया की बर्बाद फसल ने बदली सोच; नस्लभेद के खिलाफ लड़ रहीं

पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) लुधियाना की स्टूडेंट रहीं डॉ. परविंदर कौर ऑस्ट्रेलिया में सांसद बनने के बाद पहली बार भारत पहुंची। वह PAU में भी पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने दिन याद किए। PAU में उन्होंने वाइस चांसलर और प्रोफेसर्स से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर फोटो भी शेयर किए। बता दें कि, डा. परविंदर कौर अक्टूबर 2025 में वेस्टर्न ऑस्टेलिया से सांसद चुनी गई थीं। डॉ. परविंदर कौर ऑस्ट्रेलिया में पहली सिख महिला पार्लियामेंट मेंबर चुनी गईं हैं। MP बनते समय उन्होंने श्री गुटका साहिब की शपथ ली। इस दौरान सिर पर चुन्नी ओढ़ रखी थी। पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई संसद की लेजिस्लेटिव काउंसिल की सदस्य डॉ. परविंदर कौर ऑस्ट्रेलिया की रूलिंग पार्टी लेबर पार्टी की MP हैं। वो हाल में एक ट्रेड डेलिगेशन के साथ भारत आईं थीं। डॉ. परविंदर ऑस्ट्रेलिया में गैर ऑस्ट्रेलियन के साथ हो रहे नस्ल भेद को लेकर खुलकर बोलती हैं। नवंबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया की संसद में भी वो माइग्रेंट को बोझ बताने वाले सांसदों पर जमकर बरसी थीं। डॉ. परविंदर कौर मूल रूप से पंजाब के नवांशहर जिले के हयातपुर रुड़की की रहने वाली हैं। ताऊ की बर्बाद फसल देख उन्होंने कीट विज्ञान की पढ़ाई करने का फैसला लिया। डॉ. कौर PAU से कीट विज्ञान (एंटोमोलॉजी) में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद पीएचडी के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थीं। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया से बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी की उपाधि हासिल की। वो इसी यूनिवर्सिटी में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर भी काम कर चुकी हैं। डॉ. परविंदर कौर के नवांशहर से ऑस्ट्रेलिया में MP बनने की कहानी… भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच ट्रेड बढ़ाने पर जोर
डॉ. परविंदर कौर ने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ट्रेड को बढ़ावा देने पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि वह एक डेलिगेशन के साथ भारत आई थीं। दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के दूतावास में भव्य स्वागत होने पर बेहद खुश हुईं। भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच जीरो टैक्स एक्सपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात चल रही है। ऑस्ट्रेलिया में भविष्य बनाने के लिए वहां जाने की जरूरत नहीं
डॉ. परविंदर कौर ने भारतीय युवाओं को कहा कि अगर वो ऑस्ट्रेलिया में जाकर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें वहां जाने की जरूरत नहीं है। भारत में रहकर ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। इसके लिए कई तरह के व्यापार समझौते सरकारों के बीच हो रहे हैं। उन्होंने अपनी अपील के आखिर में कहा है ‌वसुधैव कुटुम्बकम। ऑस्ट्रेलिया को बनाने में माइग्रेंट्स की अहम भूमिका
ऑस्ट्रेलिया में साउथ एशियन्स के साथ होने वाली नस्लभेदी टिप्पणियों से वो बेहद आहत थीं। उन्होंने नवंबर 2025 में संसद में कहा था कि उन्हें कष्ट होता है जब माइग्रेंट को बोझ कहा जाता है। उन्होंने संसद में कुछ आंकड़े पेश किए और कहा कि माइग्रेंट्स ऑस्ट्रेलिया को बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। गुरमेश सिंह हैं ऑस्ट्रेलिया में पहले सिख सांसद
डॉ. परविंदर कौर पहली सिख महिला सांसद बनी हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में पहले सिख सांसद (MP) गुरमेश सिंह थे। वे सिख मूल के राजनेता हैं, जिन्हें साल 2019 में न्यू साउथ वेल्स की लेजिस्लेटिव असेंबली में कॉफ्स हार्बर सीट से चुना गया। इसके साथ ही वे ऑस्ट्रेलिया की किसी राज्य संसद में चुने जाने वाले पहले सिख नेता थे।

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