दमोह जिला जेल में बंद एक कैदी के भाई ने जेल के अन्य कैदियों पर अपने भाई के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। भाई ने यह भी कहा है कि वे इस मामले में सीजेएम न्यायालय में आवेदन दे रहे हैं। नर्मदापुरम (होशंगाबाद) निवासी विकास जैन ने बताया कि उनके भाई दीपक जैन दमोह जिला जेल में धोखाधड़ी (धारा 420) के एक मामले में बंद हैं। विकास जैन के अनुसार, शुक्रवार को जब वह अपने भाई से मिलने गए, तो दीपक ने बताया कि जेल के अन्य कैदी उसके साथ मारपीट कर पैसों की मांग कर रहे हैं। दीपक ने पहले भी मारपीट की शिकायत की थी। विकास जैन इस संबंध में इटारसी के अधिवक्ता अशोक शर्मा के साथ सीजेएम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। जिला जेल के उप अधीक्षक एमएल पटेल ने इन आरोपों को गलत बताया है। उप अधीक्षक एमएल पटेल ने जानकारी दी कि दीपक जैन 17 मार्च 2025 से धारा 420 के तहत जेल में बंद है। पटेल ने बताया कि वे स्वयं दो महीने पहले ही इस जिला जेल में पदस्थ हुए हैं। उनके अनुसार, दीपक जैन दो बार उनसे नर्मदापुरम जेल में स्थानांतरण के लिए अनुरोध कर चुका है, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। पटेल ने स्पष्ट किया कि दीपक जैन के खिलाफ नर्मदापुरम में कोई मामला दर्ज नहीं है, जबकि दमोह जिले में मामला दर्ज होने के कारण उसका स्थानांतरण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस आधार पर वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी स्थानांतरण के लिए नहीं लिख सकते। हिंडोरिया में बैंक के पैसों की धोखाधड़ी के मामले में उसके ऊपर व अन्य लोगों पर हिंडोरिया पुलिस ने मामला दर्ज किया था। जिसके बाद वह जेल में बंद है।
नर्मदा पुरम में ट्रांसफर कराने के लिए वह इस प्रकार के झूठे आरोप लगा रहा है कि कैदियों ने उसके साथ मारपीट की है। उसके साथ किसी प्रकार की कोई मारपीट नहीं की गई और ना ही कोई पैसों की मांग की जा रही है।


