झालावाड़ कॉलेज में संस्कृत परिषद के दो दिवसीय कार्यक्रम:भाषा के महत्व पर चर्चा, प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार

झालावाड़ के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्कृत विभाग के तहत संस्कृत परिषद द्वारा दो दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य संस्कृत भाषा के महत्व को उजागर करना और विद्यार्थियों को इससे जोड़ना था। कार्यक्रम के समापन समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. जी.के. मालवीय ने की। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर अजय गुप्ता, प्रोफेसर वी.पी. सिंह, प्रोफेसर हमीद अहमद, प्रोफेसर अर्जुमंद कुरैशी और संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अलका बागला ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रोफेसर बागला ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्कृत को ज्ञान परंपरा और संस्कृति से जोड़ने वाली भाषा बताया। प्रोफेसर जी.के. मालवीय ने संस्कृत भाषा को ‘देव वाणी’ बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि इसमें विश्व का संपूर्ण ज्ञान समाहित है। डॉ. ओमप्रकाश बैरवा ने संस्कृत को एक वैज्ञानिक भाषा बताया, जो विज्ञान, गणित और दर्शन के बारे में सिखाती है। डॉ. अशोक कंवर शेखावत ने मंच संचालन करते हुए विद्यार्थियों को संस्कृत विषय के विस्तार से अवगत कराया और उन्हें इसे आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें भारतीय संस्कृति विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता, मॉडल प्रतियोगिता, संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता और निबंध लेखन प्रतियोगिता शामिल थीं। डॉ. राजकुमार गुप्ता ने प्रतियोगिताओं के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पोस्टर प्रतियोगिता में भाग्यश्री हाड़ा प्रथम, चंदा राठौड़ द्वितीय और अभिषेक प्रजापति तृतीय रहे। मॉडल प्रतियोगिता में चंदा राठौड़ ने प्रथम, प्रीति जाटव ने द्वितीय और भाग्यश्री ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में मोनू बैरागी प्रथम, बीरम सिंह द्वितीय और विनीशा तृतीय रहीं। निबंध लेखन प्रतियोगिता में चंदा राठौड़ प्रथम, भाग्यश्री द्वितीय और मोनू बैरागी तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में डॉ. प्रमिला शर्मा और भंवरलाल मीणा शामिल थे। इस अवसर पर डॉ. इकबाल फातिमा, डॉ. हर्षा जायसवाल, डॉ. सोनम, सोनू खंडेलवाल, डॉ. फहीमुद्दीन, आशीष भार्गव, मनीषा मीणा और मुकेश डेलू सहित कई संकाय सदस्य मौजूद रहे। सभी संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों की प्रतिभाओं की सराहना की। विजेता विद्यार्थियों को महाविद्यालय के वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा। मोनिका मीणा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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