झाबुआ के रानापुर क्षेत्र में मस्जिदों से हो रहे ध्वनि प्रदूषण को लेकर स्थानीय नागरिकों और हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग तहसील कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। यह ज्ञापन तहसीलदार हुकमसिंह निगवाल और थाना प्रभारी दिनेश रावत को सौंपा गया। नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र की कुछ मस्जिदों में बिना इजाजत पूरे साल तय सीमा से अधिक आवाज में लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है। संगठनों ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को शांतिपूर्ण जीवन का अधिकार है, लेकिन अत्यधिक शोर के कारण इस अधिकार का हनन हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार लाउडस्पीकरों की तेज आवाज से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के स्वास्थ्य और बुजुर्गों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। लाउडस्पीकर जब्त करने की मांग हिंदू संगठनों ने मांग की है कि अवैध रूप से लगे लाउडस्पीकरों को तत्काल हटाया जाए और संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में सर्व हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार से अलग से भी मुलाकात कर अपनी बात रखी। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 24 जनवरी को भी नगर की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था और 72 घंटे में कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने प्रशासन से समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने की मांग की है।


