डीडवाना के निकटवर्ती ग्राम शेरानी आबाद में महातपस्वी आचार्य महाश्रमण का उत्साहपूर्ण और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। मुस्लिम समाज ने करीब तीन किलोमीटर लंबी स्वागत यात्रा के माध्यम से उनका अभिनंदन किया। हजरत उमर कॉलोनी से लेकर आईक्यू कॉलोनी तक पुष्पवर्षा और नारों के साथ उनका स्वागत हुआ, जिससे क्षेत्र में आपसी सद्भाव और भाईचारे का अनुपम दृश्य देखने को मिला। शेरानी आबाद पहुंचने पर आचार्य महाश्रमण ने एस.के. स्कूल में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने सद्भावना, नैतिकता, नशा मुक्ति और ईमानदारी का संदेश देते हुए कहा कि अच्छे विचार तभी सार्थक होते हैं जब उन्हें जीवन में उतारा जाए।
इसके बाद जामा मस्जिद चौक स्थित सभा स्थल पर शेरानी आबाद प्रशासक शेर मोहम्मद शेरानी की अगुवाई में जनसमूह द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। सभा को संबोधित करते हुए आचार्य महाश्रमण ने कहा कि हर इंसान के साथ अच्छा व्यवहार रखना चाहिए और हर व्यक्ति को अपना मित्र मानना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि व्यक्ति चाहे किसी भी जाति, संप्रदाय या राजनीतिक विचारधारा से जुड़ा हो, उसके साथ मैत्री भाव और सद्भावना से ही रहना चाहिए। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं रखने चाहिए। बिना किसी कारण किसी को तकलीफ देना मानवता के विरुद्ध है।
आचार्य ने सद्भावना, नैतिकता और नशा मुक्ति का पालन स्वयं करने और दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर इंसान के साथ समान व्यवहार होना चाहिए, चाहे वह गरीब हो या अमीर। इस अवसर पर उन्होंने शेरानी आबाद को 100 प्रतिशत नशा मुक्त गांव होने पर ग्रामवासियों को बधाई दी। आईक्यू स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई तख्तियां पढ़ते हुए आचार्य महाश्रमण ने कहा कि “सबसे अच्छा इंसान वही है जो दूसरों के लिए लाभकारी हो” जैसी शिक्षाएं जीवन का मार्गदर्शन करती हैं। उन्होंने बच्चों को कुरान और हदीस की शिक्षाओं का पालन करने तथा मित्रता, नैतिकता और ईमानदारी को अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का मंच संचालन मकबूल अहमद चावड़ा ने किया और रिटायर्ड व्याख्याता बिलाल खान ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सरपंच शेर मोहम्मद शेरानी, व्याख्याता इब्राहिम खान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु मौजूद रहे।


