सतना में शुक्रवार को सर्व समाज ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के कथित ‘काले कानून’ के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। सर्किट हाउस चौक पर हुए इस प्रदर्शन में यूजीसी का पुतला फूंका गया और रेग्यूलेशन तत्काल वापस लेने की मांग की। इस प्रदर्शन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और राजनीतिक नेता बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यूजीसी के नए नियम समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए हानिकारक है और इसके दुरुपयोग की पूरी संभावना है। उन्होंने दावा किया कि यह नियम एक वर्ग विशेष के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देता है और छात्रों व शिक्षण संस्थानों के हितों के विपरीत है। सर्व समाज का कहना था कि इस कानून के कारण आम छात्रों और शिक्षकों को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि हाल ही में अदालत ने इस नियम के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए इस पर रोक लगाई है। उनका तर्क था कि यह दर्शाता है कि नियम में गंभीर खामियां हैं, और इसके बावजूद सरकार द्वारा इसे वापस न लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। सतना में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में नेता और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में सरकार से मांग की कि यूजीसी के इस नियम को पूरी तरह निरस्त किया जाए और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शी एवं न्यायसंगत नीतियां लागू की जाएं। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, जिसके लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था।


