लग्जरी ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स शुक्रवार को अपने 39 पर्यटकों के साथ चित्तौड़गढ़ पहुंची। ट्रेन के आने पर रेलवे स्टेशन पर पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस यात्रा में सबसे ज्यादा 27 पर्यटक अमेरिका (यूएसए) से शामिल थे। इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम से 4, साउथ अफ्रीका से 2, ताइवान से 2 और भारत से 4 पर्यटक इस दल का हिस्सा रहे। खास बात यह रही कि इन 39 पर्यटकों में से 13 पर्यटक नेशनल जियोग्राफी चैनल से जुड़े हुए थे, जो भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने के लिए आए हैं। दुर्ग पर खिंचवाए फोटो चित्तौड़गढ़ पहुंचते ही पर्यटक ट्रेन से बाहर निकले और सबसे पहले स्टेशन परिसर में फोटो खिंचवाए। इसके बाद सभी पर्यटक बसों के जरिए ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग के भ्रमण के लिए रवाना हुए। दुर्ग में पहुंचते ही पर्यटकों ने वहां की भव्यता, विशालता और आर्किटेक्चर को नजदीक से देखा। दुर्ग के प्रवेश द्वार, ऊंची दीवारें और ऐतिहासिक इमारतें पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहीं। कई पर्यटक इस विशाल किले को देखकर सरप्राइस नजर आए और लगातार तस्वीरें लेते दिखाई दिए। इतिहास और विरासत से प्रभावित हुए पर्यटक चित्तौड़गढ़ दुर्ग का इतिहास जानकर सभी पर्यटक काफी प्रभावित हुए। गाइड द्वारा बताए गए मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास, वीरता और बलिदान की कहानियों को पर्यटकों ने ध्यान से सुना। दुर्ग की बनावट, प्राचीन मंदिर, महल और विजय स्तंभ जैसे ऐतिहासिक स्थलों ने पर्यटकों पर गहरी छाप छोड़ी। पर्यटकों ने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग उन्हें अन्य स्थानों से बिल्कुल अलग और बेहद सुंदर लगा। यहां का इतिहास, संस्कृति और माहौल उन्हें बहुत पसंद आया। पैलेस ऑन व्हील्स की इस यात्रा में चित्तौड़गढ़ उनके लिए एक यादगार पड़ाव बनकर सामने आया। मैं विष्णु चौधरी हूं। मैं असिस्टेंट जनरल मैनेजर के रूप में कार्यरत हूं। इस समय कुल 39 गेस्ट हैं, जिनमें अधिकांश मेहमान अमेरिका से हैं, जबकि कुछ मेहमान केपटाउन (दक्षिण अफ्रीका), यूनाइटेड किंगडम और ताइवान से आए हुए हैं। मेरा नाम दिनेश चतुर्वेदी है और मैं नेशनल ज्योग्राफिक का एक्सपेडिशन लीडर हूं। इस बार मेरे साथ करीब 11 लोगों का एक छोटा समूह है, जिसमें सभी अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। अब तक का अनुभव बहुत अच्छा रहा है, खासतौर पर पैलेस ऑन व्हील्स की यात्रा को लेकर। यह पांच रातों की यात्रा है, इसके बाद उदयपुर, फिर जैसलमेर, जोधपुर और भरतपुर जाएंगे, जहां इस जर्नी का समापन होगा। इस ट्रेन को दुनिया भर में खास पहचान मिली हुई है और इसी अनुभव के लिए ये पर्यटक यहां आए हैं। ट्रेन में खाना और सर्विस दोनों ही टॉप क्लास हैं। चित्तौड़गढ़ के बारे में पर्यटकों को बताया गया है कि यहां राजस्थान का सबसे बड़ा और सबसे प्राचीन किलों में से एक है, जिसे लेकर वे काफी उत्सुक और उत्साहित हैं। फिलहाल कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं बन रही है, लेकिन उनके साथ एक स्टडी लीडर रहता है, जो यात्रा से पहले संबंधित स्थान की जानकारी, तथ्य और पृष्ठभूमि समझाता है। वहीं नेशनल ज्योग्राफिक इतिहास, संस्कृति और प्रकृति से जुड़े कंटेंट का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार करता है, इसी वजह से ये लोग लगातार यात्राएं करते रहते हैं।
मेरा नाम जेफ है। मैं अमेरिका, कैनसस सिटी, मिसौरी से हूं और भारत घूमने के उद्देश्य से यहां आए हैं। मैं लगभग एक महीने से भारत में हैं और इस दौरान हिमालय से लेकर केरल तक की यात्रा कर चुका हूं। जबकि राजस्थान में उन्हें अभी केवल दो दिन ही हूं। अब तक का अनुभव मेरे लिए बहुत खूबसूरत और रोमांचक रहा है। जयपुर शहर बेहद शानदार है, वहां इतिहास, सुंदरता और संस्कृति सब कुछ एक साथ देखने को मिलता है। मैं बीयर व्यवसाय से जुड़ा हूं और अभी रिटायर्ड हूं। मेरा नाम एली है। मैं लेबनान और संयुक्त राज्य अमेरिका से हूं और होटल व्यवसाय से जुड़ा हुआ हूं। पैलेस ऑन व्हील्स का अनुभव मेरे लिए बेहद शानदार रहा है, जहां स्टाफ बेहतरीन सेवा देने के लिए हर संभव प्रयास करता है और सभी लोग पूरी तरह से जुड़े हुए नजर आते हैं। खाना भी खास तौर पर अच्छा है। चित्तौड़गढ़ में उनका दिन स्वर्ग जैसा सुखद और यादगार रहने की उम्मीद है।


