बलौदाबाजार प्लांट हादसा…नियमों के उल्लंघन पर नोटिस:जांच में मजदूरों की सुरक्षा में लापरवाही, संविदा श्रमिक अधिनियम का भी उल्लंघन, 7 दिनों में मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार जिले के बकुलाही इलाके में स्थित स्पंज आयरन प्लांट में हुए ब्लास्ट मामले में प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई 22 जनवरी 2026 को हादसे की जांच रिपोर्ट पर की गई है। प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर नोटिस का जवाब देना होगा। बतादें कि बलौदाबाजार जिले के बकुलाही इलाके में स्थित स्पंज आयरन प्लांट में 22 जनवरी 2026 को हुए ब्लास्ट से 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा डस्ट सेटलिंग चैंबर से गर्म राख (ऐश) ले जा रही पाइपलाइन में लीकेज हो गया था। पहले देखिए तस्वीरें औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के सहायक संचालक की ओर से जारी आदेश के अनुसार, गंभीर दुर्घटना की जांच में पाया गया कि कारखाना प्रबंधन ने कारखाना अधिनियम, 1948 और छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली, 1962 में प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन किया है। सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि कारखाना प्रबंधन ने किल्न नंबर-01 को बंद किए बिना ही उसका संचालन जारी रखा। इससे मजदूरों और कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि काम के दौरान जरूरी सुरक्षा इंतजाम और सुरक्षित तरीके अपनाए ही नहीं गए। किल्न क्रमांक 01 के डस्ट सेटलिंग चैंबर के भीतर जमे हुए गर्म राख को वेटस्क्रैपर में गिराने के कार्य के दौरान उचित कार्य अनुमति जारी नहीं की गई। नए मजदूरों को बिना अनुमति ऐसे खतरनाक काम पर रखा गया, जो प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को दिखाता है। उत्पादन अनुमति नहीं और श्रमिकों को वेतन-पंजी नहीं इसके अलावा, कारखाना प्रबंधन ने जिला व्यापार और उद्योग केंद्र से वाणिज्यिक उत्पादन की अनुमति भी नहीं ली, जो नियमों के खिलाफ है। इसके साथ ही श्रमिकों को न्यूनतम वेतन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी पंजी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। जांच में संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के प्रावधानों का भी उल्लंघन पाया गया। 20 या उससे अधिक श्रमिक होने पर ठेका श्रमिक अधिनियम 1970 के तहत अनुमति लेना जरूरी है, लेकिन प्रबंधन ने दो ठेकेदारों के जरिए 100 श्रमिकों से काम करवाने के बावजूद अनुमति नहीं ली। इसके अलावा, अंतराज्यीय प्रवासी श्रमिक अधिनियम 1979 के तहत बिना अनुमति के अन्य राज्यों के श्रमिकों से भी काम लिया जा रहा था, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। प्लांट में इस तरह हुआ था हादसा विस्फोट प्लांट की कोल भट्टी (कोल किल्न) में 22 जनवरी 2026 गुरुवार सुबह करीब 9.40 बजे हुआ। ब्लास्ट के दौरान गर्म मलबा (राख) नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिरा, जिससे कई लोग झुलस गए। धमाके के बाद दूर तक धुएं का गुबार दिखा। वहीं हादसे में मृतक बिहार के रहने वाले थे। कंपनी ने मृतकों के परिजनों को 20 लाख और घायलों को 5 लाख मुआवजा देने की घोषणा की। वहीं कांग्रेस ने इस मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई है। ……………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें बलौदाबाजार प्लांट हादसा, गर्म राख से जिंदा जले 6 मजदूर:ऐश पाइपलाइन में था लीकेज,मृतकों के परिजनों को 20 लाख देगी कंपनी, कांग्रेस करेगी जांच छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार जिले के बकुलाही इलाके में स्थित स्पंज आयरन प्लांट में हुए ब्लास्ट से अब तक 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआती जांच में ये सामने आया है कि डस्ट सेटलिंग चैंबर से गर्म राख (ऐश) ले जा रही पाइपलाइन में लीकेज हो गया था। पढ़ें पूरी खबर…

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