बलरामपुर जिले के सहकारी बैंक की शंकरगढ़ एवं कुसमी शाखा में 13 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक राशि की वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। सरगुजा कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष सहकारी बैंक सरगुजा विलास भोस्कर ने बैंकों का ऑडिट कराया। सहकारी बैंक की दोनों शाखाओं में गड़बड़ी की शिकायत शंकरगढ़ सीईओ ने नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर में की थी। संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश कलेक्टर ने दिया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर का गत दो वर्षों का ऑडिट नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा 09 जनवरी से 30 जनवरी तक बैंक मुख्यालय में किया गया। 29 जनवरी 2025 को कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष की बैठक में निरीक्षणकर्ता नाबार्ड के अधिकारियों द्वारा बैंक की वित्तीय स्थिति पर कलेक्टर जिला सरगुजा के समक्ष की गई। सीईओ ने गड़बड़ी को लेकर भेजा था मेल
नाबार्ड के अधिकारियों ने सरगुजा कलेक्टर को बताया कि शंकरगढ़ के जनपद सीईओ ने 04 सितंबर 2024 को मेल भेजकर सहकारी बैंक की शाखा शंकरगढ़ एवं शाखा कुसमी में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की जानकारी देते हुए जांच का आग्रह किया था। सरगुजा कलेक्टर ने बैठक के तत्काल बाद दोनों शाखाओं की जांच के लिए टीम गठित कर ऑडिट कराया। 13 करोड़ से अधिक की गड़बड़़ी मिली
शंकरगढ़ जनपद के सीईओ के द्वारा भेज गए पत्र में उल्लेखित संदिग्ध खातों की जांच ऑडिटर द्वारा की गई। ऑडिटर ने खातों की जांच में 13 करोड़ 14 लाख रूपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन होना बताया है। इस वित्तीय अनियमितता में कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई है। बैंक के प्राधिकृत अधिकारी विलास भोसकर ने वर्तमान में कार्यरत बैंक कर्मचारियों को निलंबित करते हुए संलिप्त कर्मचारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। इनके खिलाफ हुई निलंबन की कार्रवाई
जिन बैंक अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, उनमें अशोक कुमार सोनी, प्रभारी शाखा प्रबंधक, शंकरगढ़, जगदीष प्रसाद, प्रभारी शाखा प्रबंधक शाखा कुसमी शामिल हैं। इसके साथ ही सेवानिवृत्त सहायक मुख्य पर्यवेक्षक समल साय एवं प्रकाश सिंह कम्प्यूटर आपरेटर शाखा कुसमी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सहकारी बैंकों की राज्य स्तरीय टीम से जांच की अनुशंसा
पूर्व में कलेक्टर एवं प्राधिकृत अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अंबिकापुर द्वारा सरगुजा संभाग में संचालित बैंक के 6 शाखाओं में उजागर हुए वित्तीय अनियमितताओं की जांच राज्य स्तरीय टीम गठित कर संघन जांच कराए जाने अथवा ईओडब्लू से जांच कराने की अनुशंसा करते हुए सहकारिता सचिव छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखा गया है। सहकारी बैंक की शाखाओं में बैंक कर्मचारियों एवं कम्प्यूटर आपरेटरों द्वारा समितियों के के.सी.सी. खातों से बचत खातों में रकम ट्रांसफर किए गए हैं। रामानुजगंज में 1.33 करोड़़ की गबड़बड़ी मिलनेपर शाखा प्रबंधक शंकर राम भगत, कंप्यूटर आपरेटर, पंकज विश्वास विजय उईके तत्कालीन संस्था प्रबंधक, राजेश कुमार पाल लिपिक की सेवाएं समाप्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। राजपुर के कर्मचारियों द्वारा समिति के के.सी.सी. खातों से फर्जी तरीके से राशि का समायोजन किया गया है। मामले में शाखा के पूर्व प्रबंधक एस.एन.जोशी को निलंबित किया गया है। मनोज शर्मा तत्कालीन समिति प्रबंधक (सेवानिवृत) को बैंक द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। शाखा प्रेमनगर के आडिट के दौरान एफ.डी. एवं बचत खाते की राशि का गलत तरीके से समयोजन कर गबन का खुलासा हुआ है। इसमें शाखा के दीपक सोनी लिपिक एवं राजेश मिश्रा तत्कालीन शाखा प्रबंधक पर कार्रवाई की गई। शाखा भैयाथान में किसानों को गलत तरीके से ऋण प्रदान कर गबन किया गया है, जिसकी एफ.आई.आर. कराई गई है।


