राजधानी में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद नशे पर शिकंजा कसने की शुरुआत जोर-शोर से हुई। कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के 7वें दिन पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने न्यायिक अधिकार का उपयोग करते हुए गोगो स्मोकिंग कोन, रोलिंग पेपर, परफेक्ट रोल और प्री-रोल्ड पेपर जैसे उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। आदेश के बाद शहर के पान दुकानों, किराना स्टोर्स और चाय ठेलों से ये सामान गायब जरूर हुआ, लेकिन भास्कर की पड़ताल में चौंकाने वाला सच सामने आया है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यही प्रतिबंधित सामान रायपुर में धड़ल्ले से डिलीवर हो रहा है। भास्कर ने फ्लिपकार्ट, अमेजन और बोन्गचाए जैसी वेबसाइट्स पर इन प्रोडक्ट्स को सर्च किया। नतीजा हैरान करने वाला रहा। गोगो स्मोकिंग कोन, गांजा क्रश करने वाला बॉक्स (ग्राइंडर), अलग-अलग ब्रांड के रोलिंग पेपर और प्री-रोल्ड पेपर, हुक्का पॉट बॉन्ग जैसे सूखे नशे के सामान बिना किसी रोक-टोक के उपलब्ध मिले। रायपुर का पिनकोड डालते ही ऑर्डर कन्फर्म हो गया और 2 से 5 दिन में डिलीवरी का वादा भी दिखा। यानी कमिश्नरी सिस्टम ने ऑफलाइन बाजार में तो प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन नशे के आदी लोगों के लिए ऑनलाइन बाजार पूरी तरह खुला है। कागज पर सख्ती, जमीन पर निगरानी गायब
पुलिस कमिश्नर के आदेश में साफ कहा गया था कि इन उत्पादों की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर सख्त कार्रवाई होगी। थाना प्रभारियों को जब्ती और केस दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। उरला, खमतराई समेत कई इलाकों में पुलिस ने कार्रवाई कर भारी मात्रा में गोगो पेपर जब्त किए। लेकिन ऑनलाइन बिक्री पर न तो कोई स्पष्ट रोक दिखी और न ही निगरानी की व्यवस्था। पुलिस अधिकारी भी मानते हैं कि शहर में बढ़ते अपराधों की एक बड़ी वजह सूखा नशा है। बावजूद इसके, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इस आदेश के दायरे से बाहर नजर आ रहे हैं। ऑनलाइन गोगो मंगवाने वालों पर कार्रवाई करेंगे
फिलहाल शहर के दुकानों से बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। हम इसके आगे जाकर ऑनलाइन गोगो या नशे का सामान या चाकू और धारदार हथियार मंगाने वालों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई भी करेंगे। -संजीव शुक्ला, पुलिस कमिश्नर


