आरयूएचएस हॉस्पिटल के ईएनटी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने आडिटरी न्यूरोपैथी स्पेक्ट्रम डिस्आर्डर (एएनएसडी) बीमारी से पीड़ित तीन साल की बच्ची का एक्टिव इनसर्टन मॉनिटरिंग (एआईएम) तकनीक के जरिए कॉक्लियर इंप्लांट किया है। दोनों कानों से नहीं सुनने वाली बच्ची का तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद स्वस्थ है। बीस दिन बाद स्विच ऑन किया जाएगा। डॉक्टरों का दावा है कि बीमारी से पीड़ित और तकनीक का इस्तेमाल करने का पहला मामला है। आरयूएचएस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्राचार्य डॉ. विनोद जोशी ने बताया कि ऑपरेशन में डॉ. मोहनिश ग्रोवर, डॉ.राघव मेहता, डॉ.सुनील समधानी, डॉ.शशांक नाथ सिंह, डॉ.वरुण सैनी, डॉ.सतवीर, डॉ.समीर समेत विशेषज्ञ शामिल थे। आने वाले समय में यहां पर कॉक्लियर इंप्लांट के लिए आधुनिक ऑपरेशन थिएटर होगा। क्या है एआईएम तकनीक डॉ. मोहनिश ग्रोवर ने बताया कि एएनएसडी तकनीक की खास बात ये है कि इलेक्ट्रोड डालने पर कॉक्लिया की स्थिति का पता करना आसान है। न्यूरल से संबंधित भी किसी तरह की दिक्कत नहीं होती। इसमें कान को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता है। प्रक्रिया भी करीब 410 सैकंड में ही पूरी हो जाने से सुरक्षित रहता है। शनिवार को आरयूएचएस में कॉक्लियर इंप्लांट के लिए डॉक्टरों के प्रशिक्षण के दौरान छह जटिल ऑपरेशन किए हैं, जो मां योजना के तहत निशुल्क किए हैं।


