भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने विधानसभा में एक बार फिर अपनी ही सरकार को घेरा। एसीबी के मामलों में केस चलाने की मंजूरी देने से जुड़े सवाल के जवाब पर तंज कसा। सराफ ने कहा- मैंने पूछा क्या था और जवाब क्या दिया है। सवाल ही बदल दिया। इस पर मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा- हमने सवाल का पिन पॉइंट जवाब दिया है। 1 जनवरी 2021 से 2022 तक एसीबी में 1592 केस दर्ज हुए, उनमें से 1189 में केस चलाने की मंजूरी दे दी, जबकि 403 पेंडिंग है। सराफ ने पूरक सवाल में कहा- सतर्कता आयुक्त ने तीन महीने में ACB के मामलों में केस चलाने की मंजूरी देने का प्रावधान है, फिर भी भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी नहीं दी जा रही। अफसर आपस में मिल जाते हैं। सराफ ने कहा- मोदी जी का कहना है ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा। भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेंस के आधार पर सरकार चल रही है तो मैं यह पूछना चाहता हूं कि जितने केस पेंडिंग हैं, उनके बारे में एक कैबिनेट सब कमेटी बनाने पर विचार करना चाहिए। सदन में उठा जातिगत ट्रांसफर का मुद्दा
सदन में आज जातिगत ट्रांसफर का मुद्दा भी उठा। दौसा से कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने कहा- बांदीकुई विधानसभा में 8 ट्रांसफर हुए। आठों गुर्जर समाज से हैं। ये जातिगत द्वेषता है। उन्होंने बांदीकुई विधायक भागचंद टाकड़ा से कहा- आप इन्हीं की वजह से यहां बैठे हो। अगर आप लोग द्वेषतापूर्वक किसी जाति को टारगेट बनाओगे तो इसका खामियाजा आपको भुगतना पड़ेगा। बैरवा ने कहा- मेरी विधानसभा की पंचायत समिति लवाण में 14 ग्राम पंचायतें आती है। इनमें लगे 7 ग्राम सचिवों का ट्रांसफर कर दिया। लेकिन आज तक उन पदों पर नए अधिकारी नहीं लगाए। कांग्रेस विधायक का आरोप- जातिगत आधार पर किए तबादले
कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर के आरोप पर जमकर हंगामा हुआ। मुकेश भाकर ने मारवाड़ और शेखावाटी में जातिगत आधार पर टारगेट करके तबादले करने का आरोप लगाया। इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया। सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा- जातिगत आधार पर लोगों को बांटने की कांग्रेस की फितरत रही है। इस पर जमकर नोंक-झोंक हुई। जिले खत्म करने के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने किया हंगामा
इससे पहले गहलोत राज के जिले खत्म करने के मुद्दे पर कांग्रेस ने शून्यकाल के दौरान जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायक सुरेश मोदी और रामकेश मीणा के मामला उठाने के बाद कानून और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के जवाब पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाए। कांग्रेस विधायकों ने वैल में आकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने 12 बजकर 36 मिनट पर सदन की कार्यवाही को 2 बजे तक स्थगित कर दिया। कांग्रेस विधायक सुरेश मोदी और रामकेश मीणा ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए मामला उठाते हुए नीमकाथाना और गंगापुर सिटी जिलों को खत्म करने पर सवाल उठाए। सुरेश मोदी ने कहा- पिक एंड चूज की नीति के आधार पर जिले खत्म किए गए। जिलों के रिव्यू के लिए बनी पंवार कमेटी ने सब जिलों का दौरा किया, लेकिन वह कमेटी नीमकाथाना नहीं आई। वे पूर्वाग्रह से ग्रसित थे। सरकार से उसके आदेश थे। कोई मापदंड अपनाने की जगह राजनीतिक आधार पर जिले खत्म किए गए। उधर, खराब सड़कों का मामला उठा तो उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा- पिछली सरकार से हमें विरासत में सड़कें नहीं, गड्ढे मिले हैं। जरूरत के हिसाब से सड़कों को ठीक कराया जा रहा है। केवल पूरक सवाल के जवाब देने की व्यवस्था पर भी हंगामा
इससे पहले विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंत्रियों के लिखित जवाब पढ़ने की जगह केवल पूरक सवाल के जवाब देने की व्यवस्था पर भी हंगामा हो गया। अध्यक्ष के फैसले पर खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने ही सवाल उठा दिया तो नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आपत्ति करते हुए कहा कि मंत्री ही अध्यक्ष की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। इस पर गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। स्पीकर ने भी मंत्रियों पर नाराजगी जताई।


