सिरोही पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से रेप के दोषी मौसा को आजीवन कारावास (मृत्यु तक) की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने दोषी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामला 2024 का है, जब आरोपी ने 9वीं कक्षा की छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी ने पीड़िता का मौसा होते हुए भी अपनी काम वासना को पूर्ण करने के लिए उसका किडनैप कर उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार रेप किया। कोर्ट ने फैसले में कहा… इस जघन्य अपराध से नाबालिग पीड़िता को न केवल गंभीर मानसिक आघात पहुंचा है, बल्कि उसे स्वाभाविक तौर पर अत्यंत मानसिक वेदना और सामाजिक तिरस्कार भी सहन करना पड़ा है, जिसे शायद वह कभी नहीं भूल पाएगी। सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरा मामला… 2024 का मामला, 9वीं क्लास में पढ़ती थी छात्रा
लोक अभियोजक मोहन सिंह देवड़ा ने बताया- जिले के मंडार पुलिस थाने में पीड़िता के पिता ने 24 फरवरी 2024 को मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट में बताया कि वह एक कृषि कुएं पर काम करता है। उसके परिवार में उसकी पत्नी, दो लड़के और तीन बेटियां हैं। स्कूल नहीं पहुंची छात्रा, मौसा अपने साथ लेकर गया
पिता ने रिपोर्ट में बताया- सबसे छोटी बेटी 9वीं क्लास में पढ़ती है। 22 फरवरी 2024 को प्रतिदिन की तरह सुबह 9:30 बजे उसका बेटा और बेटी स्कूल जाने के लिए निकल गए। उसका बेटा स्कूल चला गया, लेकिन बेटी थोड़ी पीछे थी और स्कूल नहीं पहुंची। इस दौरान उसका साढू बाइक लेकर आया और उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ सुंधा माता ले गया। जहां आरोपी ने नाबालिग के साथ फोटो खिंचवाए। इसके बाद नाबालिग से कई बार जबरदस्ती संबंध बनाए। बेटी की इधर-उधर तलाश करने के बाद पुलिस को सूचना दी। कोर्ट ने दोषी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
लोक अभियोजक ने बताया- पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। सिरोही पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट जज अनूप कुमार पाठक ने दोनों पक्षों की बहस सुनी। हमारी तरफ से पेश किए गए तथ्यों से सहमत होते हुए आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (मृत्यु तक) की सजा सुनाई। साथ ही अलग-अलग धाराओं में 50-50 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट ने नाबालिग को 5 लाख की राशि दिलवाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को लिखा है।


