भास्कर न्यूज| भरतपुर राजस्थान में अब पैदल विचरण करने वाले जैन भिक्षुओं की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर उठाएंगे। पाली और मध्य प्रदेश के विदिशा में हुए दिल दहला देने वाले हादसों के बाद मानवाधिकार आयोग की सख्ती के बाद सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर कई जैन साधुओं की जान चली गई थी, जिसके बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल था। आयोग ने सरकार को भेजे पत्र में तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। अब जो नई व्यवस्था लागू होगी, उसके तहत जैसे ही कोई जैन संघ राजस्थान में प्रवेश करेगा, पुलिस को उसकी जानकारी दी जाएगी। पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर उनके रास्ते का सर्वे करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें सबसे सुरक्षित मार्ग मिले। इतना ही नहीं, उनके काफिले को गुजरने के दौरान पुलिस की तैनाती भी की जाएगी ताकि कोई भी तेज रफ्तार वाहन उनके करीब भी न आ सके। यह कदम जैन समाज के लिए बड़ी राहत और सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है। इस संबंध में परिवहन विभाग के आयुक्त ओम प्रकाश बुनकर ने सभी परिवहन अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। विभाग को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को निर्देशित किया गया है।


