निजी अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों में गहरा इंफेक्शन, परिजनों का हंगामा

एक निजी आई हॉस्पिटल में मरीजों की आंखों के ऑपरेशन में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीते 4 फरवरी को इस अस्पताल में कई रोगियों की मोतियाबिंद की सर्जरी की गई। इनमें करीब दर्जन भर मरीजों की आंख में सर्जरी के बाद गहरा इंफेक्शन हो गया। मरीजों की आंख पकने लगी। अंदर पस जमा होने लगा। मरीजों की आंखों की पुतली खराब होनी शुरू हो गई। इसके बाद बुधवार और गुरुवार को उस हॉस्पिटल में मरीज के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मिली जानकारी के अनुसार, हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा सभी मरीजों को आनन-फानन में बेहतर इलाज के लिए कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। जबकि मोतियाबिंद के ऑपरेशन में लगे पैसे भी कई मरीजों के लौटाए गए। एक मरीज के परिजन ने बताया कि 4 फरवरी को अपनी मां को मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए लेकर गए थे। वहां डॉक्टर ने तुरंत सर्जरी कर दी। लेकिन सर्जरी के अगले ही दिन से आंख में सूजन और दर्द होने लगा। जब वापस हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने इंफेक्शन होने की बात कही। इसके बाद कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। 6 संक्रमित मरीजों की दोबारा हुई सर्जरी : मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार की सुबह कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में 6 मरीजों की रेटिना की दोबारा सर्जरी की गई। यहां के वि​िट्रओ रेटिना सर्जन, डॉ. विभूति कश्यप और उनकी टीम ने मरीजों की आंखों के अंदर वि​िट्रस में जमे पस को बाहर निकाला। ऑपरेशन के बाद मरीजों की स्थिति पहले से बेहतर है। डॉ. विभूति ने कहा कि दुर्घटना किसी के साथ हो सकती है। अभी हमारा सारा ध्यान मरीजों की आंखें बचाने पर है। सर्जरी के बाद इन मरीजों की आंखों में हुआ इंफेक्शन… ननकी देवी, रीना देवी, सुशीला देवी, आशा देवी, मिनी देवरिया, अभय कुमार, मुजफ्फर हुसैन, मुनी लोहरा और सूरज देव सिंह।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *