झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने अमेरिकी सेना के विमान से भारतीय को बेड़ियों में जकड़ कर उतारे जाने की निंदा की है और इसे देश का अपमान बताया है। कहा है कि यह घटना उस समय की है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाकुंभ में डुबकी लगा रहे थे। अमेरिका ने जिस तरह अवैध प्रवासियों को भारत भेजा है, उससे मोदी सरकार की आलोचना हो रही है। उन्होंने कहा कि 5 फरवरी का दिन देश के लिए बेहद शर्मनाक रहा, जब प्रधानमंत्री महाकुंभ में डुबकी लगा रहे थे, तब अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बेड़ियों में जकड़े भारतीय अपमान का घूंट पीकर अमेरिकी सेना के जहाज से उतारे जा रहे थे। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। झामुमो कार्यालय में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सुप्रियो ने कहा कि पिछले महीने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शपथ ग्रहण के बाद जो संदेश दिया था, वह बहुत असामान्य था। अमेरिका में रहकर वहां के आर्थिक विकास में अपना योगदान देनेवाले भारतीयों के साथ जो व्यवहार किया गया, वह अमानवीय है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल उस मुद्दे पर अमेरिका से बात करने की मांग की। मोदी सरकार में रोजगार घट गए, इस कारण मजबूरन लोग विदेश गए सुप्रियो ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी, तब से देश में रोजगार समाप्त होते गए। जुगाड़ लगाकर बड़ी संख्या में लोग दूसरे देश में जाने लगे। संसद में पेश आंकड़े के अनुसार, 2014 से 2024 तक लगभग 50 हजार लोगों ने भारतीय नागरिकता छोड़कर दूसरे देशों में शिफ्ट हो गए। पिछले 10 साल में आर्थिक अपराधी देश से बाहर चले गए और भारत सरकार मुंह देखती रही। आज देश की भाजपा सरकार ने जवाहरलाल नेहरू के समय से चली आ रही पंचशील और इंदिरा गांधी की गुटनिरपेक्षता के सिद्धांत को ताक पर रख दिया है। इस सरकार ने विदेश नीति को इवेंट बना दिया है।


