धौलपुर में सोने-चांदी का काम करने वाले व्यापारियों ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आपराधिक तत्वों से सुरक्षा और भयमुक्त व्यापारिक वातावरण सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। सर्राफा व्यापार कमेटी ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि पिछले कुछ महीनों में सोने-चांदी के भावों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इस वैश्विक उतार-चढ़ाव के कारण सर्राफा व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। स्थानीय व्यापार पर इसका सीधा असर पड़ा है, जिससे कई व्यापारियों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है और मानसिक तनाव भी बढ़ा है। कमेटी ने बताया कि पहले ग्राहकों को आवश्यकता पड़ने पर सोने-चांदी के जेवर गिरवी रखकर लोन देने की व्यवस्था केवल व्यापारियों द्वारा की जाती थी। पिछले 5-6 वर्षों से बैंकों ने गोल्ड लोन की सुविधा शुरू की है, लेकिन चांदी के जेवरों पर अभी भी बैंक लोन नहीं देते। बैंकों में गिरवी आभूषणों पर मासिक, तिमाही या छमाही ब्याज की गणना होती है। यदि एक वर्ष तक ब्याज जमा नहीं होता, तो बैंक अपनी क्षतिपूर्ति के लिए गिरवी आभूषणों की नीलामी कर देते हैं। इसी तर्ज पर व्यापारियों ने भी लगभग 12-14 वर्ष पहले एक आम बैठक में आपसी सहमति से गिरवी जेवरों से संबंधित कुछ नियम बनाए थे। इन नियमों के अनुसार गिरवी जेवरों का ब्याज सालाना देय होगा। एक वर्ष बाद ब्याज को मूलधन में जोड़ा जाएगा। साथ ही, गिरवी की तिथि से एक वर्ष तक ब्याज जमा न होने पर गिरवी सामान को बेचने का प्रावधान रखा गया था। कमेटी ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में व्यापारियों को असामाजिक और आपराधिक तत्वों से सुरक्षा प्रदान की जाए। इससे वे भयमुक्त होकर अपना व्यापार कर सकेंगे। कमेटी ने बाजार क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने की भी मांग की है।


