डीजीपी नियुक्ति विवाद पर भाजपा-झामुमो का आरोप-प्रत्यारोप जारी है। गुरुवार को हुई प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने दावा किया कि झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य तथ्यहीन बातें बोल रहे हैं। भाजपा शासित मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में हुई डीजीपी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुरूप और यूपीएससी पैनल के माध्यम से की गई है। जेएमएम प्रवक्ता को ठीक से अध्ययन करना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार ने नियम विरुद्ध जाकर डीजीपी की ऐसी कोई भी नियुक्ति नहीं की है। झारखंड सरकार लगातार संवैधानिक प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही है। ऐसा लगता है, जैसे राज्य सरकार खुद को संविधान और सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर मान रही है और अपने फैसलों में कानूनी प्रक्रियाओं को पूरी तरह दरकिनार कर रही है। अजय ने कहा कि सरकार ने असंवैधानिक ढंग से डीजीपी की नियुक्ति की है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी की गई है। प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे। आखिर राज्य सरकार ने यूपीएससी की अनदेखी क्यों की: अजय ने पूछा कि आखिर राज्य सरकार यूपीएससी की अनदेखी क्यों की। डीजीपी नियुक्ति में यूपीएससी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यह एक संवैधानिक संस्था है।


