छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बीमा राशि हड़पने और ट्रक की किस्त से बचने के लिए रची गई साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। ट्रक मालिक ने पहले अपना ही ट्रक नागपुर के एक ट्रांसपोर्टर को बेच दिया और फिर थाने में चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस जांच करते हुए नागपुर पहुंची तो ट्रक खरीददार के पास मिला, तब पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस ने झूठी रिपोर्ट लिखाने वाले दो बेटों सहित उनके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूरा मामला 26 जनवरी का है। डौंडी नगर के वार्ड क्रमांक 13, राम मंदिर वार्ड निवासी नरेन्द्र जायसवाल ने डौंडी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसका टाटा कंपनी का 48 लाख का ट्रक क्रमांक CG-21-J-7111 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल सप्लाई के काम में लगा हुआ था। पेट्रोल पंप से गायब दिखाया ट्रक 22 जनवरी 2026 की रात करीब 9 बजे उनके छोटे भाई मनेंद्र कुमार जायसवाल ने ट्रक को तन्ना पेट्रोल पंप में खड़ा किया था और नाइट ड्यूटी में तैनात कर्मी को इसकी सूचना दी गई थी। 26 जनवरी को सुबह 11 बजे जब ट्रक देखने पहुंचे तो वह वहां मौजूद नहीं था। जिसके बाद डौंडी पुलिस ने चोरी का प्रकरण दर्ज किया। सैकड़ों सीसीटीवी खंगालने पर नागपुर में मिला ट्रक एफआईआर के बाद बालोद साइबर टीम ने डौंडी, दल्लीराजहरा, देवरी, राजनांदगांव के रास्ते गाड़ी ढूंढते हुए नागपुर पहुंची। इस दौरान सैकड़ों कैमरे की जांच की और नागपुर के ट्रांसपोर्ट नगर में खड़ी ट्रक को जप्त कर लिया। GPS बंद कर रातों-रात ले गए नागपुर दल्लीराजहरा सीएसपी विकास पाटले ने बताया कि डौंडी निवासी दोनों भाई नरेन्द्र और मनेंद्र जायसवाल ने एक दलाल के माध्यम से नागपुर के ट्रांसपोर्टर से सौदा तय किया। इसके बाद पेट्रोल पंप के सामने से ट्रक उठाकर GPS बंद कर रातों-रात नागपुर ले गए। वहां ट्रांसपोर्टर को 10 लाख रुपए का चेक लेकर ट्रक सौंप दिया गया और शेष राशि मिलने पर वाहन के कागजात देने की बात कही गई। टीम दो दिनों तक नागपुर में रहे और अलग-अलग स्थानों पर ट्रक ढूंढते रहे। इस दौरान ट्रांसपोर्ट नगर में यह ट्रक खड़ी मिली। झूठी रिपोर्ट का खुलासा, तीनों जेल भेजे गए जब पुलिस नागपुर पहुंची तो ट्रांसपोर्टर ने ट्रक को 10 लाख रुपए में खरीदने की पुष्टि की। इसके बाद साइबर टीम ने ट्रक जब्त कर डौंडी ले आए। पुलिस को गुमराह कर झूठी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में नरेन्द्र जायसवाल, मनेंद्र जायसवाल और उनके पिता लखनलाल जायसवाल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आरोपियों के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।


