छत्तीसगढ़ की लौह नगरी दल्ली राजहरा में 24 सालों से कांग्रेस का कब्जा है, जिसे इस बार भाजपा तोड़ने की पूरी कोशिश में जुटी है। भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए तोरण साहू को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने रवि जायसवाल पर दांव लगाया है। चुनावी मैदान में भाजपा को सभी वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिल रहा है, वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया मोर्चा संभाल रही हैं। इसके अलावा एक अहम मांग जिले का नाम बदलकर ‘बालोद-दल्ली’ करने की भी उठ रही है। इस चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा शहर का विकास और पलायन की समस्या है। एक समय में लाखों की आबादी वाला यह शहर अब सिमटता जा रहा है। स्थानीय नेता स्वाधीन जैन के मुताबिक, शहर से जिले को मिलने वाली करोड़ों की रॉयल्टी का लाभ यहां के विकास में नहीं मिल पा रहा है। शहर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की मांग लंबे समय से लंबित है। शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए करेंगे काम – कांग्रेस कांग्रेस प्रत्याशी रवि जायसवाल ने कहा कि लंबे समय से हमारी यहां सरकार है, हमने इस शहर के लिए काफी कुछ किया है और जो कुछ नहीं कर पाए उसे करने के लिए हम मैदान में उतरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर शिक्षा स्वास्थ्य, रोजगार के लिए हम काम करेंगे। नगर पालिका का उपाध्यक्ष भी रहा हूं पार्टी ने इस बार अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाया है तो बिल्कुल बायपास से लेकर पट्टा जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहेंगे। कांग्रेस ने उजाड़ दिया शहर – बीजेपी भाजपा प्रत्याशी तोरण साहू ने कहा कि लंबे समय से यहां कांग्रेस की सरकार है और इस सरकार ने शहर में राज करते हुए शहर को उजाड़ कर रख दिया है, लेकिन हम यहां सुशासन लाने के उद्देश्य से मैदान में है। यहां पर शिक्षा स्वास्थ के लिए काम करेंगे दो नए प्लांट की स्थापना यहां होने जा रही है, वहां स्थानीय लोगों को भरपूर रोजगार मिल सके इसलिए हम काम करेंगे। शहर से पलायन ना हो सभी सुविधाएं यहां मिल जाए इस पर पूरा जोर रहेगा। दोनों दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन इस बार का चुनाव विकास और पलायन रोकने के मुद्दे पर केंद्रित है।


