उदयपुर में नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने शनिवार को शहर में हो रहे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। दिनभर फील्ड में रहकर सड़कों की गुणवत्ता, नाले निर्माण और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। अभिषेक खन्ना ने चेतावनी दी कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सबसे अहम कार्रवाई सवीना-तितरडी मार्ग पर देखने को मिली। यहां हाल ही में बनी डामर की सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए कमिश्नर ने मौके पर ही मशीन से ‘कोर कटिंग’ करवाई। सड़क का टुकड़ा निकालकर उसकी मोटाई और उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री की सघन जांच की गई। सेक्टर-3 में सीवरेज चैंबर के ढक्कनों और सेक्टर-9 की कृष्णा कॉलोनी में बनी सड़क की लंबाई खुद नपवाई।
नदी के दोनों तरफ सुरक्षा के लिए जालियां लगवाई कमिश्नर जब आयड नदी किनारे पहुंचे तो वहां नजारा कुछ अलग था। निगम ने करीब सवा करोड़ की लागत से नदी के दोनों तरफ सुरक्षा के लिए जालियां लगवाई हैं, लेकिन कुछ लोगों ने अपने निजी रास्तों के लिए इन्हें तोड़ दिया। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए खन्ना ने अधिकारियों को आदेश दिए कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जाए। साथ ही उन्होंने नदी में गंदा पानी गिरने से रोकने के लिए हो रहे टेपिंग कार्य का भी फीडबैक लिया। न्यू भूपालपुरा क्षेत्र में चल रहे इंटरलॉकिंग टाइल्स के काम में रुकावट देख कमिश्नर ने कड़ा रुख अपनाया। यहां कई लोगों ने घरों के बाहर सड़क की जमीन पर पक्के रैंप और चबूतरे बना लिए थे। काम में बाधा बन रहे अवैध निर्माणों को तोड़ा जाए कमिश्नर खन्ना ने मौके पर ही निर्देश दिए कि काम में बाधा बन रहे इन सभी अवैध निर्माणों को तुरंत तोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सड़क तभी सुंदर और व्यवस्थित दिखेगी जब वह एक समान होगी। निरीक्षण के दौरान उनके साथ अधिशासी अभियंता शशि बाला सिंह, अखिल गोयल सहित कई कनिष्ठ अभियंता मौजूद रहे। बेकनी पुलिया से लेकर सेक्टर-14 तक के दौरों में आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्य केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर भी तकनीकी मानकों के अनुसार मजबूत होने चाहिए।


