रतलाम जिले के आलोट में वेयरहाउस मैनेजर आरडी शर्मा (रामदास शर्मा) ने रविवार रात सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। शर्मा ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इसमें दो लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। इनमें एक नाम भाजपा नेता और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष राजेश परमार का है। आरडी शर्मा भांभीपुरा में किराए के मकान में रहते थे। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा, ‘जय गोवर्धन गिर्राज जी महाराज, श्रीमान वेयर हाउस के संचालक मनोज काला S/O श्रीलाल, राजेश परमार S/O श्री मांगीलाल जी परमार संचालक कृष्णा एग्रो सर्विसेज ताल मेरी मृत्यु के जवाबदार हैं। एक वर्ष से मैं मानसिक रूप से परेशान हूं। इन्होंने गोदामों में जमा स्टॉक गायब कर दिया।’ राजेश परमार बोले- सारे आरोप निराधार
इस मामले में भाजपा नेता और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष राजेश परमार का कहना है कि वेयरहाउस मध्य प्रदेश कॉर्पोरेशन के अधीन है। समय-समय पर सरकार की जरूरत के अनुसार यहां रखा स्टॉक भी विभाग उठाता है। अगर गड़बड़ी हुई होती तो मुझे सूचना मिलती। सुसाइड नोट में लिखे आरोप निराधार हैं। आरडी शर्मा ने 10 दिन पहले मेरे बेटे सौरभ परमार से बात की थी। उस दौरान भी उन्होंने स्टॉक कम होने के संबंध में कोई बात नहीं कही। हाउसिंग कॉर्पोरेशन की टीमें आलोट पहुंचीं
घटना के बाद सोमवार को भोपाल-उज्जैन हाउसिंग कॉर्पोरेशन की टीमें आलोट पहुंची हैं। दोनों टीमों के अधिकारी आलोट के आरएम बी एस हिण्डोली शासकीय वेयरहाउस पहुंचे। यहां अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की। साथ ही 24 वेयरहाउस फिलहाल सील कर दिए हैं। अधिकारी वेयरहाउस के स्टॉक का मिलान कर रहे हैं। राजेश परमार और मनोज काला पर केस दर्ज
आलोट एसडीओपी साबेरा अंसारी ने बताया कि घटनास्थल से सुसाइड नोट मिला है। इसके आधार पर अभी मनोज काला और राजेश परमार के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में जो भी पहलू सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। भिंड के रहने वाले थे मैनेजर आरडी शर्मा
वेयरहाउस प्रबंधक आरडी शर्मा मूल रूप से भिंड जिले के अकोड़ा गांव के रहने वाले थे। इनकी पोस्टिंग ढाई साल पहले आलोट में हुई थी। तब से यहां पर वो काम कर रहे थे। शर्मा यहां पर अकेले रहते थे।


