कोटा शहर के उद्योग नगर थाने में तैनात एक कॉन्स्टेबल ने अपने 6 साथियों के साथ मिलकर लूट और अपहरण की वारदात को अंजाम दिया। कॉन्स्टेबल का साला विष्णु भी इस गैंग में शामिल था। मामले में पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है और आगे जांच के लिए पीसी रिमांड पर लिया गया है। कोटा सिटी एडिशनल एसपी दिलीप सैनी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में उद्योग नगर थाने में तैनात कॉन्स्टेबल मनीष यादव और उसका साला विष्णु, देवेंद्र, प्रियांशु भट्ट और विजय उर्फ कृष्णकांत शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अपराध चाहे किसी भी स्तर का हो और उसमें पुलिसकर्मी ही क्यों न शामिल हो, जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित राजेश सेन ने कॉन्स्टेबल मनीष यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार- 20 जनवरी को राजेश अपने मित्र के साथ कोटा आए थे, जहां रंगबाड़ी इलाके में उनकी मुलाकात पुराने परिचित राजेंद्र पारेता से हुई। राजेंद्र ने राजेश को एक बैग सौंपते हुए उसे कोटा यूनिवर्सिटी के पास देने को कहा। कुछ देर बाद मौके पर वर्दी में मौजूद व्यक्ति और उसके साथी पहुंचे, जिन्होंने बैग चेक करने के बहाने धमकाया और मुकदमा दर्ज न करने के एवज में डेढ़ लाख रुपए की मांग की। आरोप है कि राजेश को जबरदस्ती कार में बैठाकर अलग-अलग इलाकों में घुमाया गया, मारपीट की गई और बैग व नकदी छीन ली गई। बाद में सुनसान जगह पर छोड़कर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और फरार चल रहे एक की तलाश जारी है।


