भास्कर न्यूज | लुधियाना सिविल लाइंस स्थित इस्कॉन मंदिर में शनिवार को नित्यानंद त्रयोदशी का पर्व मनाया। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर भगवान के जयकारों से गुंजायमान रहा और श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। उत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान का भव्य महाअभिषेक रहा, जिसका नेतृत्व मंदिर के अध्यक्ष नरोत्तमानंद दास प्रभु ने किया। वैदिक मंत्रोच्चारण और शंख ध्वनि के बीच भगवान का दूध, दही, घी, शहद, शक्कर और विभिन्न फलों के रसों (पंचामृत) से अभिषेक किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर प्रांगण हरे कृष्ण महामंत्र और निताई-गौर हरि बोल के उद्घोष से गूंज उठा। अभिषेक के उपरांत भगवान को छप्पन भोग की तर्ज पर 108 विशेष व्यंजनों का नैवेद्य अर्पित किया गया। भक्ति के साथ कला का संगम भी देखने को मिला, जहां इस्कॉन युवा मंच के सदस्यों द्वारा एक प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति के माध्यम से भगवान नित्यानंद के जीवन और उनकी शिक्षाओं को जीवंत किया। नरोत्तमानंद दास प्रभु ने कहा कि श्री नित्यानंद प्रभु साक्षात करुणा के स्वरूप हैं। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार चंद्रमा शीतलता प्रदान करता है उसी प्रकार नित्यानंद प्रभु का स्मरण जीव के हृदय से भौतिक ताप को मिटाकर भक्ति, प्रेम और वैराग्य का संचार करता है। यह पर्व हमें विनम्रता और निस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।


