लूणकरणसर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब गाड़ी संख्या 22724 श्रीगंगानगर-हजूर साहिब नांदेड़ एक्सप्रेस के ठहराव का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही 2 और 3 फरवरी 2026 से तिरुवनंतपुरम उत्तर-श्रीगंगानगर रेलसेवा का भी यहां ठहराव शुरू होने जा रहा है। यह निर्णय स्थानीय यात्रियों, व्यापारियों और विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। मंडल रेल प्रबंधक गोविल ने बताया कि बीकानेर मंडल में 100% विद्युतीकरण पूरा हो चुका है तथा दोहरीकरण कार्य तेज गति से जारी है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 22 स्टेशनों के पुनर्विकास का लक्ष्य है, जिनमें से 15 स्टेशनों का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। मंडी डबवाली और गोगामेड़ी स्टेशनों का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया जा चुका है। ट्रेनों के ठहराव समय पर नजर डाली जाए तो 16311 श्रीगंगानगर-तिरुवनंतपुरम: 17:27 आगमन, 17:29 प्रस्थान (03 फरवरी से), 16312 तिरुवनंतपुरम-श्रीगंगानगर: 21:36 आगमन, 21:38 प्रस्थान (02 फरवरी से), 22723 नांदेड़-श्रीगंगानगर: 14:36 आगमन, 14:38 प्रस्थान (06 फरवरी से), 22724 श्रीगंगानगर-नांदेड़: 17:27 आगमन, 17:29 प्रस्थान (31 जनवरी से) ठहराव करेगी। विद्यार्थियों को लंबी दूरी की कनेक्टिविटी
ठहराव से खुलेगा विकास का नया ट्रैक लूणकरणसर का यह ठहराव केवल एक रेलवे सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों का इंजन साबित हो सकता है। व्यापारियों को माल परिवहन में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों को लंबी दूरी की कनेक्टिविटी, और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। रेल संपर्क बढ़ने से छोटे कस्बों में रोजगार और सेवाक्षेत्र का विस्तार होता है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलता है।


