कपासन कस्बे में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गाजे-बाजे के साथ एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चार के साथ शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके बाद पंचमुखी बालाजी मंदिर से शोभायात्रा प्रारंभ हुई, जो मुख्य बाजार से होते हुए एस आर वाटिका कपासन पहुंची। आयोजन के संयोजक राधेश्याम वैष्णव ने सम्मेलन की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। मातृशक्ति की ओर से अध्यापिका सुधा विजयवर्गीय ने मां को बच्चे के जीवन में प्रथम गुरु बताया। रामस्नेही संप्रदाय के संत कीमत राम महाराज ने कहा कि हमारे विचारों से ही धर्म, समाज और देश का निर्माण होता है। उन्होंने वर्तमान समय में जागृत होने की आवश्यकता पर बल दिया और शिक्षा के साथ-साथ शस्त्र एवं शास्त्र ज्ञान के महत्व को भी अतिआवश्यक बताया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह दिनेश भट्ट ने कहा कि भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट होना होगा। उन्होंने श्रेष्ठ मनुष्य निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही। भट्ट ने यह भी उल्लेख किया कि भारत के अलावा किसी अन्य देश की भूमि को मां का दर्जा नहीं दिया गया है और सनातन धर्म संसार का सबसे प्राचीनतम धर्म है, जो ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की कामना करता है। मेवाड़ महामंडलेश्वर अनुज दास महाराज मुंगाना धाम ने बच्चों को धर्म, शास्त्र और संस्कृति से जोड़े रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपने धर्म को जागृत करना होगा। महाराज ने आगामी 27 अप्रैल को गौ माता को राष्ट्र माता बनाने हेतु पूरे भारतवर्ष में दिए जाने वाले प्रार्थना पत्र में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के अंतर्गत सभी से सहपरिवार जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर आयोजन समिति के दिलीप बारेगामा , संपत सुथार , रतन टांक , बादशाह सिंह , अंबिका प्रसाद जायसवाल , मुकेश जागेटिया , सांवरिया सेन , रोहित सिंह राजपूत , सागर पाराशर , विनय शंकर जीनगर आदि उपस्थित रहे।


