डूंगरपुर के खड़गदा में मोरन नदी के विकास को नई दिशा मिली। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने शुक्रवार को प्रयागराज महाकुंभ से लाई गई पवित्र मिट्टी और संगम जल को मोरन नदी में समर्पित किया। इस मौके पर रामकथा वाचक कमलेश भाई शास्त्री के साथ मुलाकात में मोरन नदी विकास और जल संचय के लिए चल रहे जन सहयोग कार्यक्रम की जानकारी ली गई। स्थानीय लोगों के 9 माह के अथक प्रयास से नदी का कायाकल्प किया गया है। एक किलोमीटर के दायरे में नदी को 500 फीट चौड़ा और 25 फीट गहरा बनाया गया है। परियोजना के तहत अहमदाबाद की तर्ज पर जनजाति क्षेत्र का पहला रिवर फ्रंट विकसित किया जा रहा है। नदी के दोनों किनारों पर 20-20 फीट चौड़े मार्ग बनाए गए हैं। इसके अलावा 65×45 फीट का एक कुआं भी बनाया गया है, जो 80 फीट गहरा है और जिसकी जलभराव क्षमता 55 लाख लीटर है। कार्यक्रम में रामकथा आयोजन समिति के पदाधिकारियों सहित ईश्वरचंद्र भट्ट, यशवंत पंड्या, डॉ. विजय जोशी, मणिलाल जोशी, जवाहर जोशी, शशिकांत पुरोहित, नरहरि भट्ट, नवनीत भट्ट, रतिलाल पंचाल, चंद्रेश व्यास और कुलदीप भट्ट मौजूद रहे।


