पावन सिद्धधाम श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में पूरे माह का धनुर्मास उत्सव श्रीमद जगद्गुरु नागोरिया पीठाधीश्वर स्वामीजी विष्णुप्रपन्नाचार्य जी महाराज के मंगला शासन में 16 दिसंबर से प्रारम्भ हुआ। यह 14 जनवरी तक चलेगा, जिसके अंतर्गत प्रतिदिन उत्सव मनाए जाएंगे। वेंकुंठ एकादशी के मनोरथ के साथ ही प्रभु श्री गोदा रंगनाथ जी का विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसमें विवाह की सभी रस्में होंगी और हल्दी मेहंदी का आयोजन भी एक दिन पूर्व किया जाएगा। 1 जनवरी पर विशेष महाआरती प्रातः 6 बजे होगी, जिसमें अनेक श्रद्धलुओं अपने अंग्रेजी नववर्ष का प्रारंभ प्रभु के दर्शन के साथ प्रभु व भगवती की अर्चना कराकर करेंगे। कड़ाके की ठंड में भी प्रातः 5.45 बजे प्रभातफेरी प्रचार प्रमुख पंकज तोतला ने बताया कि धनुर्मास में प्रतिदिन सुबह इतनी ठंड में भी प्रातः 5.45 बजे से अनेक वैष्णव जन श्रीवेंकट रमण गोविंदा श्रीनिवासा गोविंदा नाप जप के साथ प्रभात फेरी करने निकले। इनमें बड़े-बुजर्ग के साथ ही बच्चे भी शामिल हो रहे हैं। प्रतिदिन 1 माह चलने वाली प्रभात फेरी के पश्चात प्रभु वेंकटेश की शृंगार आरती व स्तोत्र पाठ के साथ ही प्रभु वेंकटेश जी की ॐ नमो नारायणाय के उदघोष के साथ तुलसी दल से अर्चना की गई। इस दौरान भजनों का सुमधुर गान किया गया। गोदा अम्बा जी का यह विशेष उत्सव में श्रीगोदा रंगनाथ जी के पाशुर का वाचन भी किया जा रहा है। इसमें अनेक विद्यर्थियों द्वारा व अनेक भक्तों द्वारा बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जा रहा है। उसी के अंतर्गत वेंकटेश महिला मंडल द्वारा भगवती श्रीमहालक्ष्मी जी व गोदा महारानी की भी 1008 नामों से लाल कमल के पुष्प व कुमकुम से अर्चना की जा रही है। स्वर्ण व रजत पुष्पों से अर्चना प्रभु वेंकटेश की स्वर्ण पुष्प व शेषावतार श्री रामानुज स्वामीजी की रजत पुष्प से 1008 नामों से अर्चना की जा रही है। प्रतिदिन देवस्थान के पुजारी लोकेश तिवारी, शिवम पांडे व विशाल पांडे द्वारा विशेष शृंगार किया जा रहा है। सायंकाल के सत्र में भी भजन-कीर्तन व महाआरती की जा रही है। गोविंदा गोविंदा के जयघोष के साथ खिरान गोष्टी का वितरण किया गया। इस अवसर पर रवीद्र धूत, अशोक डागा, महेंद्र पलोड़, रमेश चितलांगया, सुशील राठी, आनंद बजाज, गजेंद्र राठौड़, नंदलाल शर्मा, शरद चिचानी, पंकज सोमानी व्यवस्था संभाल रहे हैं।


