वाराणसी में रिटायर एयरफोर्स अफसर जिंदा जला:हीटर की चिंगारी से कंबल ने पकड़ी आग; घर पर चलाते थे मेडिकल स्टोर

वाराणसी में सोमवार को एयरफोर्स के रिटायर्ड अफसर की घर के कमरे में जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा कमरे में जल रहे हीटर में शार्ट सर्किट से हुआ, जिसके बाद कंबल ने आग पकड़ ली। आग ने पूरे घर को चपेट में ले लिया। कमरे के अंदर सो रहे बुजुर्ग भी चपेट में आ गए। आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक सब जलकर राख हो गया। आसपास के लोगों ने आग बुझाई। फायर ब्रिगेड भी रेस्क्यू में जुट गई। एडीसीपी वरुणा सरवणन टी, एसीपी सारनाथ मौके पर हैं। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से पूरा घटनाक्रम जाना। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मामला सारनाथ थाना क्षेत्र का है। पहले 3 तस्वीरें देखिए दोपहर में कमरे में सोने आए थे
नक्खी घाट निवासी दयाशंकर गुप्ता (80) एयरफोर्स में मेडिकल वारंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। 2002 में बेंगलुरु रिटायर हुए थे। इसके बाद घर के बाहरी हिस्से में मेडिकल स्टोर चलाते थे। वर्तमान में घर में अकेले रहते थे। उनके बच्चे बेंगलुरु में रहते थे। सोमवार दोपहर दयाशंकर मेडिकल स्टोर बंद करने के बाद कमरे में गए और हीटर चलाकर सो गए। इसी दौरान हीटर में शार्ट सर्किट हो गया। वायरिंग जलने लगी। इसकी आग कमरे में कपड़ों और कंबल तक पहुंच गई। इसके बाद तेज लपटें उठने लगीं। एडीसीपी वरुणा टी. सरवणन ने बताया- शाम चार सवा चार बजे हमें सूचना मिली थी कि एक मकान में आग लगी है। पुलिस मौके पर पहुंची। चेतगंज फायर स्टेशन से एक गाड़ी यहां पहुंची, जिसने आग बुझाई। इसमें बुजुर्ग की बॉडी उनके बिस्तर से मिली। साक्ष्य उठाए गए हैं। शव को मॉर्च्युरी भेज दिया गया है। इस बात का पता लगाया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है या हीटर से। सीएफओ इसकी रिपोर्ट देंगे। 2002 में बनवाया था मकान
उमाशंकर गुप्ता ने 2002 में शिव विहार कालोनी में मकान बनवाया था। इसके बाद बाहर दुकान बनाकर मेडिकल स्टोर खोला। उनके दो बेटे बेंगलुरु में परिवार के साथ रहते हैं। इसमें अरविंद गुप्ता मेडिकल कंपनी एमवेल और अरविंद गुप्ता एक बैंक में क्रेडिट कार्ड का काम देखते हैं। उनके बेटा और बेटी बेंगलुरु में रहते हैं। उनकी बेटी शशिकला कल ही वाराणसी आई थी। जिस समय घटना हुई वह घर पर नहीं थी। बंद कमरे से बाहर नहीं आ सकी चीख पुकार
पड़ोसी राम देई ने बताया-दुकान बंद कर दोपहर में खाना खाने के लिए अंदर जाते थे। फिर शाम को बाहर आते थे। अंदर कमरा बंद करके सो रहे थे। आग की चपेट में आ गए। कमरा बंद होने के कारण किसी को बाहर उनकी चीख पुकार सुनाई नहीं दी। जब आग लगी तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पड़ोसियों ने धुआं का गुबार देखा तो चीख पुकार मच गई लेकिन आग की विकरालता और करंट के डर से कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। पुलिस को बॉडी उनके बिस्तर से बरामद हुई है। ….. ये भी पढ़ें : पति की किडनी खराब होने पर पत्नी का सुसाइड:वाराणसी में डॉक्टर बोले-ट्रांसप्लांट कराना पड़ेगा; ये सुनकर लगाई फांसी वाराणसी में रविवार को महिला ने सुसाइड कर लिया। वजह थी कि उसके पति की दोनों किडनी खराब हो गई थीं। डॉक्टर ने कहा था कि ट्रांसप्लांट अब करना पड़ेगा। इस बात से वो परेशान रहने लगी। पढ़िए पूरी खबर…

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