नागौर जिले में बढ़ते अपराधों और हाईवे पर हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने जिलेभर में एक साथ नाकेबंदी की। पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देश पर शहर, ग्रामीण इलाकों और हाईवे पर यह अभियान चलाया गया। नाकेबंदी के दौरान संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई और यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की गई। पूरे जिले में एक साथ चला नाकेबंदी अभियान
नागौर पुलिस ने सुरक्षित यातायात और अपराधों पर नियंत्रण के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर नाकेबंदी करवाई। देर रात तक चले इस अभियान में पुलिस ने संदिग्ध वाहनों की जांच की और जिले के प्रमुख मार्गों पर चौकसी बढ़ाई। शहर के छह प्रवेश द्वारों पर सख्त चेकिंग
नागौर शहर को कवर करने के लिए कोतवाली थाना पुलिस ने विशेष रणनीति अपनाई। शहर की ओर आने वाले हाईवे के छह मुख्य प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल तैनात किया गया। यहां आने जाने वाले वाहनों की नंबर प्लेट, डाक्यूमेंट्स और चालकों के पहचान पत्रों की जांच की गई। ग्रामीण और हाईवे इलाकों में भी कार्रवाई
यह नाकेबंदी अभियान केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा। सदर, महिला थाना, पांचौड़ी, श्रीबालाजी, खींवसर, मूंडवा और कुचेरा थाना क्षेत्र में भी एक साथ पुलिस ने मोर्चा संभाला। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच की गई। संदिग्ध वाहनों की तलाशी, अपराधियों पर नजर
अभियान के दौरान पुलिस ने संदिग्ध दिखने वाले वाहनों और सामान की बारीकी से तलाशी ली। एक साथ कई जगह नाकेबंदी होने से अपराधियों के लिए भागने का कोई रास्ता नहीं बचा। यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई
नाकेबंदी के दौरान बिना वैध डाक्यूमेंट्स चल रहे कई वाहनों को जब्त किया गया। एमवी एक्ट के तहत सैकड़ों चालान काटे गए। गंभीर लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की गई। लापरवाह चालकों को दी समझाइश
पुलिस ने कार्रवाई के साथ साथ वाहन चालकों की काउंसलिंग भी की। बिना हेलमेट, अधूरे डाक्यूमेंट्स और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों को सड़क सुरक्षा का महत्व समझाया गया और भविष्य में नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई।


