स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश:कलेक्टर ने दिए आयुष्मान कार्ड वितरण और ई-केवाईसी को शत-प्रतिशत करने के आदेश

जिला परिषद के सभागार में जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ शहर से लेकर गांव तक के हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी द्वारा प्रस्तुत हेल्थ इंडिकेटर्स की समीक्षा के बाद उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को टीम वर्क के साथ सभी स्वास्थ्य सूचकांकों पर काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर ने सरकारी अस्पतालों में पैकेज रिजेक्शन की दर शून्य करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने आयुष्मान योजना के लाभार्थियों की ई-केवाईसी और कार्ड वितरण को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनियों को जिम्मेदारी सौंपी। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जिनमें सब सेंटर स्तर पर एएनसी रजिस्ट्रेशन बढ़ाना, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना, सभी शिशुओं का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करना और परिवार कल्याण कार्यक्रम के लक्ष्यों को पूरा करना शामिल है। उन्होंने कम प्रगति वाले अधिकारियों को अपने प्रदर्शन में सुधार लाने का निर्देश भी दिया। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राजकीय चिकित्सा संस्थानों पर उपलब्ध करवाई जा रही निशुल्क दवा और निशुल्क जांच सुविधाओं से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि पेशेंट वाउचर का बैकलॉग पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों पर एमएनडीवाई के तहत निर्धारित मात्रा में दवाइयां और एमएनजेवाई के तहत निर्धारित संख्या में जांचों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण शत प्रतिशत कराएं। साथ ही एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शक्ति दिवस पर एनीमिक बालिकाओं की जांच करते हुए उन्हें आयरन फोलिक एसिड की गोलियां वितरित करें और पौष्टिक आहार का सेवन करने की सलाह दें। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ई औषधि सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल सभी चिकित्सा संस्थान नियमित रूप से करें। राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर बलगम की जांच के लिए सैंपल लिए जाएं और समय रहते मरीजों की पहचान कर उनका इलाज किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निक्षय पोर्टल पर सभी क्षय रोगियों का डाटा अपडेट रहे। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपने क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कर वहां स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लें और यदि कहीं कमी पाई जाए तो वहां मौके पर ही सुधार करवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि समस्त बीसीएमओ और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी इंडिकेटर्स की मॉनिटरिंग करें। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने जिले के सभी बीसीएमओ को निर्देशित किया कि ब्लॉक में कोई भी झोलाछाप कार्यरत नहीं हो। सभी अपने ब्लॉक में झोलाछाप पर आवश्यक रूप से कार्रवाई करें। सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारी अपनी चिकित्सा संस्थान पर साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। जिले के सभी सरकारी चिकित्सा संस्थान अपना क्लिनिकल एस्टेब्लिश पंजीकरण शत प्रतिशत करवाना सुनिश्चित कराएं। साथ ही जिले के सभी निजी अस्पताल भी अपना अगले एक माह के भीतर क्लिनिकल एस्टेब्लिश पंजीकरण करवाना सुनिश्चित कराएं।

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