जिला प्रशासन कोंडागांव की अभिनव पहल “मोर सुआद दीदी की रसोई” अब कला और संस्कृति का भी केंद्र बन गई है। शनिवार को इसी परिसर में चित्रकला प्रदर्शनी एवं विक्रय का भव्य शुभारंभ हुआ। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिले भर से आए लोक कलाकारों और आधुनिक कला के कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट कलाकृतियों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में पारंपरिक आदिवासी चित्रकला से लेकर आधुनिक शैली की रचनाओं तक, कला की विविध रंगत देखने को मिली, जिसने दर्शकों को बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा से परिचित कराया।
कलाकारों ने भित्ति चित्रों से प्रस्तुत किया जीवन और परंपराएं प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य जिले के प्रतिभावान कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना, उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना और बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला व संस्कृति को नई पहचान दिलाना है। कलाकारों ने भित्ति चित्रों के माध्यम से आदिवासी जीवन, इतिहास, परंपराओं और दैनिक संघर्षों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण प्रसिद्ध कलाकार राजेंद्र राव द्वारा बनाई गई रामायण के एक प्रमुख प्रसंग पर आधारित पेंटिंग रही। इस कृति को दर्शकों ने लंबे समय तक निहारा और यह कला प्रेमियों के लिए मुख्य केंद्र बिंदु बनी रही। विधायक लता उसेंडी ने कलाकारों की सराहना की प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विधायक लता उसेंडी ने कलाकारों की सराहना की। उन्होंने कहा, “इस तरह के आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को न केवल प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि उनकी कला को बाजार और व्यापक पहचान भी मिलती है। बस्तर की कला हमारी पहचान है और इसे आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है।” इस अवसर पर कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत अध्यक्ष रीता शोरी, सदस्य यशोदा कश्यप, मनोज जैन, जीतू नागेश देवांगन, हिना श्रीवास्तव, सोनामणि पोयाम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई, अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर, कोंडागांव एसडीएम अजय उराव, जिला स्तरीय अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में कलाकार और कला प्रेमी उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल कला का उत्सव बना, बल्कि स्थानीय कलाकारों के लिए आत्मनिर्भरता और पहचान की दिशा में एक सशक्त कदम भी साबित हुआ।


