वाराणसी कोर्ट ने अमेरिका में सिखों को लेकर बयान देने के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ निगरानी याचिका स्वीकार कर ली है। जिला जज संजीव पांडेय ने राहुल और यूपी सरकार को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है। इस मामले में 25 फरवरी को अगली सुनवाई होगी। इससे पहले, 28 नवंबर, 2024 को निचली कोर्ट ने राहुल के खिलाफ दी गई याचिका खारिज कर दी थी। सबसे पहले राहुल का बयान पढ़िए- सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर के पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्रा ने कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की है। इसमें कहा गया- निचली कोर्ट ने मेरी अर्जी खारिज कर दी थी। कानून के अनुसार आदेश नहीं दिया गया। इस पर हमने निगरानी अर्जी जिला जज की अदालत में डाली थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इस मामले में मेरे पास साक्ष्य हैं। राहुल के बयान से सिखों के बीच असुरक्षा का माहौल
नागेश्वर मिश्रा ने बताया- पिछले साल अमेरिका दौरे पर गए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा था कि भारत में सिखों के बीच असुरक्षा का माहौल है। उन्हें पगड़ी और कड़ा पहनने का अधिकार नहीं है। न गुरुद्वारों में जाने की अनुमति है। राहुल के इस बयान का खालिस्तानी आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने समर्थन किया। उनके बयान से ऐसा लगता है कि भारत में गृहयुद्ध भड़काने की उनकी साजिश है। जानिए क्या होती है निगरानी याचिका?
निगरानी याचिका किसी ऐसे आदेश के खिलाफ दायर की जाती है, जिसके खिलाफ अपील करने का प्रावधान नहीं है या अपील नहीं की गई है। निचली कोर्ट ने राहुल के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया था। इस याचिका के फैसले की निगरानी के लिए जिला जज की अदालत में निगरानी याचिका डाली गयी थी, जिसे पढ़ने के बाद जिला जज ने स्वीकार कर लिया है। ——————————————- राहुल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- राहुल गांधी के बयान पर भड़की भाजपा: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस ने दिया समर्थन; खालिस्तानी समर्थक सिमरनजीत मान ने कहा- ठीक बोले विदेश दौरे पर निकले विपक्ष के नेता व कांग्रेस लीडर राहुल गांधी के बयान पर भाजपा भड़क गई है। सिख भाजपा समर्थक उनके बयान का विरोध कर रहे हैं, लेकिन विदेश में बसे भारतीय और खालिस्तान समर्थक सिमरनजीत मान राहुल गांधी के हक में उतरे हैं। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को सही करार दिया है। पढ़िए पूरी खबर…


