तांत्रिक बाबा कहते हैं जिन्न को खुश रखना है तो समय से पूजा हो। सोने की तरह चमकना है, तो तप की आग से जलना होगा। यौन शक्ति के लिए बच्ची की बलि देनी होगी। यह कहना है लखनऊ में बच्ची की हत्या के आरोपी सोनू की पत्नी जुगनू का। उसने दैनिक भास्कर से कहा- सोनू अक्सर इसी तरह की बातें करता था। जिन्न के कहने पर ही उसने सुसाइड किया था। सूचना पर पहुंचे मोहल्ले वालों ने मुझसे कहा- जिन्न वाली बात मत बताना, नहीं तो तुम्हें जेल हो जाएगी, बल्कि यह कहना कि सोनू ने पुलिस के डर से जान दी। जानिए आरोपी ने क्यों ऐसा किया? तप के नाम पर लगा लेता था आग
मूल रूप से हरदोई अरवल चौसार निवासी सोनू लखनऊ में आम्रपाली योजना में किराए के मकान पत्नी जुगनू और चार बच्चों के साथ रहता था। जुगनू ने बताया कि पति सोनू को एक तांत्रिक बाबा ने जिन्न दिया था। पति कहता था कि जिन्न हमेशा उसके साथ रहता है। उसके कहने पर ही सोनू रातभर पूजा-पाठ करता। आग से खुद को जलाता, जिससे उसके पैर-हाथ में फफोले तक पड़ जाते थे। जिन्न ने कहा था कि तप से ही तुम मर्दाना ताकत के स्वामी बनोगे। हमेशा जवान रहोगे। इसके लिए तुमको बच्ची की बलि देनी होगी। इसी तरह की बातें मुझे सोनू अकसर बताता था। 23 जनवरी को सोनू बच्ची आराध्या को सब्जी खरीदने के बहाने घर लाया। कहा- हमने बताया था कि मेरे ऊपर आने वाला जिन्न कई माह से बच्ची की बली मांग रहा है। आज उसके लिए ही बच्ची को लाया हूं। इसकी बली देकर जिन्न को खुश कर करूंगा। पूजा-पाठ करने के बाद सोनू ने उसका गला दबा दिया। थाने से छूटते ही घर आकर कहा- जिन्न कह रहा मर जाओ
जुगनू ने बताया- जिन तांत्रिक बाबा ने सोने को जिन्न दिया था, उनके दोनों हाथ और पैर नहीं हैं। उन्हीं के बताए रास्ते पर सोनू चल रहा था। जिन्न को खुश करने के लिए बलि दे रहा था। आराध्या का शव मिलने के बाद सोनू ने कहा- जिन्न कह रहा है कि अब हमको परम सिद्धि के लिए मरना होगा। इसके बाद उसने मेरा गला दबा दिया। मैं बेहोश हो गई। जब होश आया तो देखा शव फांसी के फंदे से लटका था। मोहल्ले में आराध्या की मौत की खबर फैल चुकी थी। मोहल्ले वाले मेरे घर पर पहुंच गए। लोगों ने मुझसे कहा कि पुलिस को जिन्न वाली बात मत बताना, बल्कि यह कहना कि सोनू ने पुलिस के डर से सुसाइड किया। अगर यह नहीं बताओगी तो तुम्हें जेल हो जाएगी। जिन्न के लिए थाली में खाना लगवाता
जुगनू ने बताया- पति हमेशा दो थाली में खाना लगवाता था। पहले जिन्न को खिलाता, फिर खुद खाता। यहां तक कोई सामान अपने लिए लाता तो उसके लिए भी। इस दौरान कमरे से बच्चों को बाहर कर देता या चादर से मुंह ढककर सोने को कह देता। वह खुद को हमेशा जवान रखने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता। इसके लिए उसने मर्यादा की हदें तक पार कर दी थीं। पुलिस जांच में भी उसके मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो और मैसेज मिले हैं। जिससे साफ है कि वह यौन कुंठा से ग्रस्ति और मानसिक तौर पर बीमार था। सिजोफ्रेनिया का मरीज था सोनू- प्रो. सुजीत कर
सोनू के क्राइम से जुड़े मामले पर मेडिकल कालेज के प्रोफेसर सुजीत कर का कहना है कि डोपामाइन नाम का न्यूरोट्रांसमीटर है, जो दिमाग और शरीर में तालमेल बिठाने का काम करता है। जब किसी भी वजह से दिमाग में डोपामाइन केमिकल जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है, तब सिजोफ्रेनिया की समस्या देखी जाती है। इसमें पीड़ित अक्सर एक तरह के भ्रम की स्थिति में रहते हैं। वह वर्चुअल दुनिया में जीने लगते हैं, जिसके चलते उनको लगता है कि जो वह सोच रहे हैं। वह सही है। यहां तक कुछ लोग किसी के न होने पर भी उसके होने की बात कह घंटों बात किया करते हैं। सिजोफ्रेनिया के लक्ष्ण सिजोफ्रेनिया में लोगों के साथ क्या होता है? क्या ठीक हो सकते हैं सिजोफ्रेनिया से ग्रसित लोग?
इसके लक्ष्ण को तीन भागों में बांटा गया है। पॉजिटिव, नेगेटिव और कोगनिटिव सिम्टम। जिन्हें ये बीमारी जेनेटिक कारणों सी होती है उनमें नेगेटिव और कोगनिटिव सिमटम्स होने की संभावना ज्यादा होती है। यानी उनमें समस्या पॉजिटिव के मुकाबले गंभीर होती है। वहीं पॉजिटिव सिम्टम की बात करें, तो इस स्टेज में दवाइयां कारगर साबित होती हैं। शरीर और दिमाग दवाई पर रेस्पोंड करता है और इंसान जल्द ही ठीक हो जाता है। वहीं नेगेटिव और कोगनिटिव स्टेज में लोगों को ठीक होने में थोड़ा समय लगता है। प्रोफेसर के मुताबिक जिसे लोग पागलपन कहते हैं, असल में वो दिमाग में होने वाली केमिकल प्रॉब्लम हैं। इस मानसिक बीमारी में लोगों के मौत की वजह ज्यादातर सुसाइड देखी जाती है। सिजोफ्रेनिया को लेकर लोगों में जो डर की स्थिति है, उसके खिलाफ जागरूकता की जरूरत है, ताकि लोग अपनी जिंदगी खत्म करने की स्टेज तक न पहुंचे और समय रहते ठीक हो जाएं। ………………………………….. ये खबर भी पढ़ें यौन शक्ति और बच्चे की चाहत में छात्रा का मर्डर:लखनऊ में तांत्रिक के कहने पर पत्नी ने पति और भाई के साथ रची साजिश लखनऊ में बच्ची की तंत्र-मंत्र के चलते हत्या कर दी गई। पुलिस घटना के बाद आत्महत्या करने वाले सोनू की पत्नी और साले को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। जिसमें कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच में सोनू की पत्नी ने तांत्रिक के कहने पर यौन शक्ति बढ़ाने और बच्चे की चाहत में भाई के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। (पढ़ें पूरी खबर)


