काशी में कनाडा-पंजाब से आने वालों पर इंटेलिजेंस की नजर:रविदास जयंती पर 2 लाख लोग आएंगे; खालिस्तान समर्थक कर सकते हैं आतंकी हमला

रविदास जयंती को लेकर काशी में अलर्ट जारी हुआ है। रविदास की जन्मस्थली होने के कारण 12 फरवरी को 2 लाख से ज्यादा लोगों के काशी पहुंचने का अनुमान है। कनाडा और पंजाब से काशी आने वाले लोगों की खास निगरानी की जा रही है। इनपुट हैं कि रैदासियों के भेष में खालिस्तानी समर्थक वाराणसी में आतंकी हमला कर सकते हैं। लोकल इंटेलिजेंस, IB और LIU एक्टिव हो गया है। अलर्ट में 2 कारण बताए गए हैं… सुरक्षा एजेंसियां पंजाब, दिल्ली और कनाडा से आने वालों का डेटा जुटा रही हैं। ऐसे लोगों को भी मॉनिटर किया जा रहा है, जो सोशल मीडिया पर खालिस्तान का समर्थन कर रहे हैं। अब रविदास जयंती पर भारत के वाराणसी शहर में आ रहे हैं। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन पर CCTV की मदद से खास निगरानी रखी जा रही है।
संत निरंजन दास को लेकर विशेष सतर्कता
डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख और श्रीगुरु रविदास जन्मस्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन संत निरंजन दास महाराज की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्रालय ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। संत निरंजन दास को भी धार्मिक प्रचार नहीं करने की धमकी मिल चुकी है। पंजाब सरकार ने उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा मुहैया करा रखी है। संत निरंजन दास समर्थकों के साथ 10 फरवरी को वाराणसी आएंगे। मोदी-योगी रह सकते हैं मौजूद
12 फरवरी को माघ पूर्णिमा के दिन रविदास जयंती है। माना जा रहा है कि संत रविदास जयंती के समारोह में PM मोदी समेत देश के कई सीएम, प्रमुख राजनेता शामिल हो सकते हैं। 2024 के आयोजन में भी मोदी-योगी मौजूद रहे थे। इस बार भी पीएम, सीएम के साथ देश के प्रमुख राजनेताओं को रविदास जयंती में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है।
10 फरवरी से लोग आने लगेंगे
संत रविदास की जन्मस्थली काशी में रैदासियों का आगमन शुरू हो चुका है। 10 फरवरी को लाखों की संख्या में श्रद्धालु संत रविदास की जयंती मनाने वाराणसी पहुंचने लगेंगे। सीर इलाके में तैयारियां जारी हैं। कनाडा को लेकर सतर्कता को समझिए…
पन्नू और खालिस्तान समर्थकों की वजह से सक्रियता बढ़ी
कनाडा में रहने वाले खालिस्तान समर्थक आए दिन भारत विरोधी प्रदर्शन करते हुए खालिस्तान की मांग कर रहे हैं। खालिस्तान समर्थक आतंकी पन्नू की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र कनाडा है। भारत विरोधी आतंकवादी पन्नू को पाकिस्तान का भी समर्थन है। कनाडा की ट्रुडो सरकार को भी पन्नू का समर्थन था। ट्रुडो ने कई बार भारत विरोधी बयान दिए, जिसके चलते दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई थी। हरदीप निज्जर की हत्या का भी भारत पर आरोप लगा। कनाडा के पीएम के आरोप के पीछे पन्नू ही था। पन्नू ने एक वीडियो जारी करके कहा था कि उसके कहने पर ही पीएम ट्रुडो ने भारत के राजदूत को कनाडा से निकाला था। इंटेलिजेंस के अनुसार ग़ुरपतवन्त सिंह पन्नू इस समय अमेरिका में है। एनकाउंटर से बौखलाया, महाकुंभ को लेकर दी थी धमकी
23 दिसंबर, 2024 को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में पंजाब और यूपी पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में तीन खालिस्तान समर्थक आतंकी मार गिराए गए थे। इस एनकाउंटर से बौखलाए पन्नू ने वीडियो जारी करते हुए धमकी दी थी कि महाकुंभ में इसका बदला लेंगे। इससे पहले उसने राम मंदिर को भी उड़ाने की धमकी दी थी। ….

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