गिरिडीह जिले के पीरटांड प्रखंड अंतर्गत हरलाडीह ओपी क्षेत्र में हुई दुष्कर्म की घटना के विरोध में रविवार को संथाल समाज ने विशाल आक्रोश रैली निकाली। इस रैली में सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए। सभी ने एक सुर में पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। आक्रोश रैली हरलाडीह बाजार से शुरू होकर जुलूस की शक्ल में पूरे बाजार क्षेत्र का भ्रमण करती हुई हरलाडीह ओपी परिसर तक पहुंची। प्रदर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना रहा और बाजार क्षेत्र नारेबाजी से गूंजता रहा। बलात्कारी को गिरफ्तार करो के नारों से गूंजा बाजार रैली में शामिल लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर “बलात्कारी को गिरफ्तार करो”, “पीड़िता को न्याय दो”, “आदिवासियों पर अत्याचार बंद करो” और “गिरिडीह पुलिस हाय-हाय” जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना था कि पुलिस की सुस्ती और लापरवाही के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज का भरोसा कानून व्यवस्था से उठ जाएगा। गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन होगा रैली को संबोधित करते हुए संथाल समाज के नेताओं ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। नेताओं ने कहा कि अगर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि यह सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई है, जिसे संथाल समाज हर हाल में लड़ेगा। जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर प्रशासनिक कार्यालयों तक आंदोलन किया जाएगा। रैली में पूर्व प्रमुख सिकंदर हेंब्रम, अशोक हेंब्रम, सुशांत सोरेन, राजेश सोरेन सहित संथाल समाज के कई पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे। रैली के समापन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने हरलाडीह ओपी पहुंचकर प्रशासन से पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग दोहराई।


