उदयपुर के झाड़ोल में जनाजति प्रतिभा सम्मान समारोह में अपनों के बीच पहुंचकर कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी भी पूरी तरह से रंग गए। झाड़ोल के आजाद मैदान में रविवार को पांचवें जनजाति प्रतिभा सम्मान समारोह में जब स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति शुरू की, तो मंत्री खुद को रोक नहीं पाए। वे सीधा मंच पर पहुंचे, माइक थामा और कलाकारों के साथ सुर में सुर मिलाकर लोकगीत गाने लगे। अपनी माटी के गीतों पर मंत्री को इस तरह गाते देख पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हालांकि मंत्री बाबूलाल खराड़ी का यह अंदाज कोई नया नहीं है। झाड़ोल सीट से विधायक खराड़ी अक्सर अपने क्षेत्र के कार्यक्रमों में जनता के बीच घुल-मिल जाते हैं। उन्हें कई बार लोक नृत्यों पर कलाकारों के साथ थिरकते और पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाते देखा गया है। सादगी भरा यही अंदाज उन्हें आम लोगों के बीच लोकप्रिय बनाता है। रविवार को भी जब उन्होंने माइक संभाला, तो वहां मौजूद लोगों का उत्साह दोगुना हो गया। समारोह के दौरान साल 2023 से 2025 की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप करने वाले छात्र-छात्राओं सहित कुल 750 प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। इनमें केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि खेल, चिकित्सा, सरकारी सेवा में चुने गए युवाओं और प्रमोट हुए अधिकारियों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। इस दौरान जनजाति मंत्री खराड़ी ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, आपको इससे भी ऊंचे मुकाम हासिल कर समाज का नाम रोशन करना है। मंत्री खराड़ी ने क्षेत्र के युवाओं को एक बड़ी सौगात भी दी। उन्होंने झाड़ोल के शबरी आश्रम में लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की, ताकि गांव के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर न जाना पड़े। कार्यक्रम में बीजेपी नेता गुणवंत सिंह झाला और भंवर सिंह पंवार जैसे अतिथियों ने भी शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। इस दौरान पूर्व विधायक हीरालाल दरांगी और एसडीएम कपिल कोठारी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।


