इंजीनियर का आरोप-सास ने जाली साइन कर रुपए हड़पे:अपनी ही बेटी की मौत के बाद उसका झूठा अंतिम इच्छा-पत्र पेश किया; कैंसर से हुई थी मौत

जोधपुर के रहने वाले इंजीनियर ने पत्नी की मौत के बाद सास और ससुराल वालों की ओर से रुपए और अन्य प्रोपर्टी हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि- बेटी की मौत के बाद उसके खातों से रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाए। एक झूठा अंतिम इच्छा-पत्र भी कोर्ट में पेश किया। इंजीनियर की रिपोर्ट पर उदय मंदिर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच एएसआई बाबूराम को सौंपी गई है। कैंसर से पत्नी की हुई थी मौत उदय मंदिर थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार- ब्यावर निवासी नितेश कुमार गोपा पुत्र शांति प्रसाद मूल रूप से जोधपुर के रहने वाले है। उन्होंने रिपोर्ट दी कि- साल 2012 में श्वेता से शादी हुई थी। साल 2013 में बेटी का जन्म हुआ, जिसका नाम तृशा रखा था। पति-पत्नी दोनों ब्यावर श्री सीमेंट में काम करते थे और वहीं रहते थे। 7 दिसंबर 2022 को कैंसर के चलते बैंगलुरू में इलाज के दौरान श्वेता का निधन हो गया। इससे पहले श्वेता के बीमार रहने के चलते दंबेटी को उसकी नानी के घर जोधपुर भेज दिया था। सास ने षड़यंत्र कर बेटी का मोबाइल रखा रिपोर्ट में नितेश कुमार ने बताया- मेरी पत्नी श्वेता के निधन के बाद सास मंजू गहलोत पत्नी स्व. अमरचंद गहलोत ने षड़यंत्र के तहत उसका (श्वेता) मोबाइल खुद के पास रख लिया। उसके सभी बैंक खाते ऑनलाइन तरीके से खाली कर सास मंजू गहलोत, साली सीमा सैनी, दुबई निवासी साढ़ू सुरेंद्र गहलोत और साली के बेटे कृतांक सैनी के खातों में डलवा लिए। ये सब कुछ श्वेता की 7 दिसंबर को मौत के बाद से लेकर जनवरी 2023 तक किया। झूठा इच्छा-पत्र पेश किया रिपोर्ट के अनुसार – परिवादी नितेश कुमार गोपा और उनकी पुत्री ने श्वेता के सेवा उपरांत मिलने वाले लाभों को प्राप्त करने के लिए एक वाद जिला कोर्ट जोधपुर के समक्ष उत्तराधिकारी प्रमाण-पत्र का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसके तहत दो साल बाद सास मंजू गहलोत ने एक अंतिम झूठा इच्छा-पत्र, जिसे श्वेता के हस्ताक्षर युक्त होने का दावा किया। हस्ताक्षर के सही होने के दावे की जांच जयपुर के निजी फोरेंसिक से करवाई, जिसमें हस्ताक्षरों का असल से पूर्णत मिलान नहीं होना पाया गया। इस पूरे मामले में मंजू गहलोत, सीमा सैनी, अरविंद कच्छवाहा, निशांत कच्छवाहा, कृतांक सैनी, प्रतीक कच्छवाहा, स्वाति सांखला और नरेश सांखला की सुनियोजित साजिश होने का आरोप लगाया गया है। उदयमंदिर थाने में दर्ज इस मामले की जांच एएसआई बाबूराम को सौंपी गई है।

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