अलवर में तंत्र-मंत्र का झांसा देकर 30 लाख रुपए ठगे:जमीन में गड़ा धन निकालने का दिया झांसा, तीन बार में अलग-अलग बहाने देकर पैसे लिए

जमीन से गड़ा धन निकालने का झांसा देकर 30 लाख रुपए की ठगी कर ली। पहले ठग ने रास्ता भटकने का झांसा देकर मदद मांगी। इसके बाद तंत्र मंत्र से गड़ा धन निकालने का झांसा दिया। मामला अलवर जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र का है। थाना अधिकारी अजीत बड़सरा ने बताया कि घटना को लेकर शुक्रवार को नौगांवा थाना क्षेत्र के रसगण निवासी अशरफ ने मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में अशरफ ने बताया-4 महीने पहले एक अनजान व्यक्ति उनके गांव रसगण पहुंचा। रास्ता भटकने के बहाने उसने मदद मांगी। इस पर वह उसे घर ले गया। जहां चाय पीने के दौरान उसने बताया कि वह दबा हुआ धन निकाल देता है। उसने कई जगहों से दबा हुआ धन निकाला है। इस पर मैंने कहा कि मेरे यहां से भी गड़ा हुआ धन निकाल दो। मेरे यहां धन गड़ा होने की आशंका है। इस पर उसने मुझे धन निकालने का आश्वासन दिया और कहा कि आप चाहो तो मेरे उस्ताद से बात कर लो। इस पर उसने फोन पर मेरी बात किसी अन्य व्यक्ति से कराई। जिसने मुझे भरोसा दिलाया कि ये आदमी सही कह रहा है। इसके बाद ठग मुझे नंबर देकर चला गया। फोन पर बातचीत कर तंत्र मंत्र के नाम पर सामान मंगवाया
पीड़ित ने बताया-इसके बाद जब उसने नंबर पर फोन किया तो ठग ने बाजार से तंत्र मंत्र का सामान लाने के लिए कहा। इस पर बाजार से 6 से 7 हजार का सामान लेकर आ गया। 2 नवंबर को तीन अन्य लोग घर पहुंचे
पीड़ित ने बताया- 2 नवंबर को तीन लोग नौगांवा आए। इसके बाद उन्होंने घर आकर तंत्र मंत्र का सामान और 1,86,786 रुपए गड्ढे में रखने के लिए मांगे। देर रात तीनों घर में एक गड्ढा खोदा और उसमें पैसे रखने का नाटक किया। इसके बाद मुझे एक संदूक देकर 40 दिन तक ना खोलने की हिदायत दी। साथ ही हमें दिल्ली बुलाया। इसके बाद 6 नवंबर को परिवार के लोग ठगों की बताई जगह पर पहुंचे। जहां ठगों ने उन्हें झांसा देकर
19,86,786 रुपए और मांगे। पैसे लेकर ठग अंदर चले गए और हमें घर भेज दिया। साथ ही कहा कि हम तंत्र विद्या के बाद तुम्हारे घर आएंगे। एक्सीडेंट का झांसा देकर साढे 8 लाख की ठगी
पीड़ित ने बताया-कुछ दिन बाद उन्होंने फोन किया और कहा कि हम तुम्हारे घर आ रहे तो हमारा एक्सीडेंट हो गया है। पुलिस ने हमारे पैसे ले लिए हैं और हम अस्पताल में भर्ती है। अब तुम हमें साढे 8 लाख रुपए भेज तो नहीं तो तुम्हारे पुराने पैसे भी जब्त हो जाएंगे। इस पर हमने साढे 8 लाख रुपए भी भेज दिए। 4 महीने पूरे होने के बाद 1 जनवरी जब संदूक खोला तो उसमें मिट्टी से भरा हुआ मटका मिला। अशरफ ने बताया-एक महीने तक हम सभी ठगों से बातचीत और खोजने की कोशिश कर रहे है। मगर संपर्क नहीं होने पर ठगी का एहसास हुआ। वह खेती बाडी़ कर अपने परिवार का लालन पालन करता है। उसने रकम रिश्तेदारों से उधार लेकर दी थी। मामला दर्ज होने के बाद नौगांवा थाना एएसआई मुसद्दीलाल घटनास्थल का जायजा लेने के लिए पहुंचे।

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