महेश नगर स्थित अंबेडकर पार्क में दो दिवसीय बौद्ध धम्म सम्मेलन का शुक्रवार से शुभारंभ हुआ। अखिल भारतीय डॉ. अंबेडकर महात्मा ज्योतिबा फुले साहित्य अकादमी राजस्थान की ओर से यह सम्मेलन करवाया जा रहा है। सम्मेलन में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मुक्ति कौन पथे पुस्तक का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि महात्मा ज्योतिबा फुले के छठे वंशज प्रशांत यतीश फुले रहे। उन्होंने कहा कि फुले के सिद्धांतों एवं बाबा साहब के संविधान ने देश में समता, समानता,न्याय एवं स्वतंत्रता दी है, हमें संविधान की रक्षा करनी होगी। मुख्य वक्ता प्रो. आशा लता कामबले (मुंबई) ने कहा कि समाज का भला संविधान, संस्कृति से होगा। विशिष्ट अतिथि जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष राजाराम मील, राजस्थान प्रदेश माली सैनी महासभा के महामंत्री भवानी शंकर माली, मेघवाल समाज के अध्यक्ष रामेश्वर लाल सेवार्थी ने भी अपने विचार रखे। सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का संदेश पढ़कर सुनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेश सैनी ने की। संयोजक पूरण सिंह मौर्य, सह संयोजक मेहताराम काला ने बताया कि मुक्ति कौन पथे पुस्तक राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में वितरित कर बुद्ध, फुले और अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। जिससे समाज में समता, समानता, बंधुत्व, न्याय, स्वतंत्रता मिल सके। इस मौके पर जेसी आर्य, बिरदी चंद सिंगोदिया, शीला सैनी, मुकेश वर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे। सम्मेलन में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मुक्ति कौन पथे पुस्तक का विमोचन करते अतिथि।


