विदिशा में मकर संक्रांति से चल रहे रामलीला एवं मेला आयोजन में रविवार को सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई। भारी भीड़ के बीच चोर गिरोह सक्रिय हो गया, जिससे कई चोरी की घटनाएं हुईं। मेला परिसर में बनी पुलिस चौकी पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं मिला, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। मेले में चार मोबाइल फोन, दो मंगलसूत्र, दो महिलाओं के पर्स और एक पुरुष का पर्स चोरी हो गया। पीड़ितों ने जब शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, तो उन्हें पुलिस चौकी पर कोई जवान नहीं मिला, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। विधायक से शिकायत, एसपी से बात
इसी दौरान मेला भ्रमण पर पहुंचे विदिशा विधायक मुकेश टंडन को कुछ महिलाओं ने मंगलसूत्र चोरी की शिकायत की। विधायक भाजपा पदाधिकारियों के साथ पुलिस चौकी पहुंचे, लेकिन वहां कोई भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। इसके बाद विधायक ने पुलिस अधीक्षक रोहित केशवानी से मोबाइल पर बात कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। विधायक के कॉल के बाद सब इंस्पेक्टर सोनकर पुलिस चौकी पहुंचे। विधायक ने सब इंस्पेक्टर से नाराजगी जताते हुए कहा कि मेले में लाखों की भीड़ है और चोर सक्रिय हैं, फिर भी सुरक्षा व्यवस्था नदारद है। जब सब इंस्पेक्टर ने 11 पुलिस जवानों की तैनाती की बात कही, तो विधायक ने कहा कि उन्होंने पूरा मेला घूम लिया, लेकिन एक भी पुलिसकर्मी मैदान में नजर नहीं आया। उन्होंने जवानों की परेड कराने की बात कही। इसके बाद विधायक मुकेश टंडन ने दूसरी बार पुलिस अधीक्षक को फोन कर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इतनी भीड़ के बावजूद पुलिस जवान मैदान में नजर नहीं आ रहे हैं और जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। मामले की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज मेला पुलिस चौकी पहुंचे और कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधीक्षक द्वारा मेला सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने और चोरी गए सामान की रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद विधायक मेला भ्रमण के लिए रवाना हुए। हालांकि, करीब एक घंटे बाद जब विधायक दोबारा पुलिस चौकी पहुंचे, तब वहां केवल लगभग छह पुलिसकर्मी ही मौजूद मिले। रविवार को अत्यधिक भीड़ के कारण मेला परिसर में अव्यवस्था का माहौल रहा। लोगों ने पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।


