भास्कर न्यूज | सरायकेला जिला समाहरणालय के सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त रविशंकर शुक्ला की अध्यक्षता में वार्षिक माध्यमिक परीक्षा, 2025 और इंटरमीडिएट (कला, विज्ञान व वाणिज्य), परीक्षा 2025 के सफल क्रियान्वयन को लेकर सभी केंद्राधीक्षकों के साथ बैठक हुई। बैठक में मुख्य रूप से पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत, जिला शिक्षा पदाधिकारी संतोष गुप्ता, कार्यपालक पदाधिकारी सतेंद्र महतो व सभी बीईईओ उपस्थित थे। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि अध्यक्ष, झारखंड अधिविध परिषद्, रांची द्वारा प्राप्त सूचनानुसार वार्षिक माध्यमिक परीक्षा, 2025 की सैद्धांतिक परीक्षा 11 फरवरी से तीन मार्च तक प्रथम पाली (पूर्वाह्न 09.45 से 01.00 बजे अपराह्न तक) में और इंटरमीडिएट (कला, विज्ञान व वाणिज्य) परीक्षा, 2025 की सैद्धांतिक परीक्षा इसी दिन द्वितीय पाली अपराह्न दो से 05.15 बजे अपराह्न तक संचालित होगी। बैठक के दौरान उपायुक्त ने संबंधित सभी पदाधिकारियों को कदाचारमुक्त व शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन कराने के लिए कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि पर्याप्त रुचि लेकर पूरी तत्परता व ईमानदारी से जैक द्वारा प्राप्त दिशा निर्देश के आलोक में सभी पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, ताकि छोटी से छोटी गलतियों की भी संभावना न रहे। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सभी केंद्र अधीक्षकों को परीक्षा केंद्रों का पुनः निरीक्षण कर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, लाइट, पंखा आदि को सुदृढ़ कर लेने और ऐसे केंद्र जहां 10वीं व 12वीं के छात्र-छात्राओं की परीक्षा प्रस्तावित है, वहां विशेष पुलिस बल, महिला बल की तैनाती के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। वहीं, ऐसे परीक्षा केंद्र जहां विद्यालय की बाउंड्री नहीं है, वहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था के निमित्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में अनुपस्थित केंद्र अधीक्षकों को उपायुक्त ने शोकॉज करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया। मैट्रिक के लिए 57 व इंटरमीडिएट के लिए 41 परीक्षा केंद्र : जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि वार्षिक माध्यमिक परीक्षा के संचालन के लिए 57 और इंटरमीडिएट कला, विज्ञान व वाणिज्य परीक्षा के संचालन के लिए 41 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में कुल 12800 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 10,004 परीक्षार्थी (कला- 6959, विज्ञान-2269 व वाणिज्य 776) शामिल होंगे। जैंतगढ़ । जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत गुमुरिया पंचायत के लखीपाई गोप टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में न तो चापाकल है और न ही पेयजल की कोई व्यवस्था है। पड़ोस में तीस वर्ष पुराना एक चापाकल है। उससे गंदा और लाल पानी निकलता है। पानी न तो पीने लायक है और न ही भोजन बनाने लायक। इससे ग्रामीण नाराज हैं। वह अपने बच्चों को केंद्र भेजना नहीं चाहते हैं। वर्तमान में भोजन बनाने के लिए दूर से पानी लाने की व्यवस्था की गई है। मगर यह भी स्थाई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सहिया सहित ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सीधे बच्चों की सेहत से जुड़ा है। गंदे पानी का उपयोग करने से बच्चे बीमार हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक स्थाई रूप से स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं हो जाती है, तब तक अभिभावक अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र नहीं भेजेंगे। इस आंगनबाड़ी केंद्र में 40 बच्चे पढ़ने आते हैं। मौके पर अवंती गोप, दमयंती महाराणा, सुशांति गोप, कौशल्या गोप, श्रीमती लागुरी, हरीश दोराई गुनिया गुईया, सुनीता गोप, लाल मोहन गोप, शुक्रमणि लागुरी, जयमनि महाराणा, प्रमिला गोप, सुनीता लागुरी आदि मौजूद थे।


