बलौदाबाजार में छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीजी टीईटी) रविवार, 1 फरवरी को आयोजित की गई। इसमें जिले के कुल 6520 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि लगभग 500 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। हालांकि परीक्षा सभी केंद्रों पर शांतिपूर्वक संपन्न हुई, लेकिन अधिकांश परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र को स्तरीय लेकिन कठिन और उलझाऊ बताया। परीक्षा के नोडल अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर अरुण सोनकर ने बताया कि प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5) की पात्रता परीक्षा पहली पाली में हुई। इसमें 2708 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2484 उपस्थित रहे और 224 अनुपस्थित थे। दूसरी पाली में मिडिल स्कूल (कक्षा 6 से 8) के शिक्षक पद के लिए 4312 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 4036 ने परीक्षा दी, जबकि 276 अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने के बाद लगभग दो-तिहाई परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र के स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। कई अभ्यर्थियों का मानना था कि पाठ्यक्रम के अनुरूप होने के बावजूद प्रश्नों का स्तर अधिक जटिल और गहन था। प्राथमिक श्रेणी की एक परीक्षार्थी प्रियंका वर्मा ने बताया कि बाल विकास और शिक्षण कौशल के प्रश्न सीधे न होकर परिस्थितिजन्य थे, जिन्हें हल करने में अधिक समय लगा। द्वितीय पाली के एक अन्य अभ्यर्थी राहुल सिन्हा ने कहा कि विषयवार प्रश्न तो ठीक थे, लेकिन शिक्षाशास्त्र खंड में कई प्रश्नों के विकल्प एक-दूसरे के काफी करीब थे, जिससे उलझन हुई। कई परीक्षार्थियों ने समय प्रबंधन को एक चुनौती बताया, क्योंकि गणनात्मक और विश्लेषणात्मक प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगा। यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि इस वर्ष का सीजी टीईटी प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों की अवधारणात्मक समझ और समस्या-समाधान कौशल की कठिन परीक्षा लेने वाला रहा। सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई और किसी भी अनियमितता की सूचना नहीं मिली।


