पट्टे जारी करने की एवज में रिश्वत लेने से जुड़े मामले में हेरिटेज नगर निगम की निलंबित मेयर मुनेश गुर्जर ने उनके तीसरी बार निलंबित करने वाले राज्य सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मुनेश की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से 14 फरवरी तक जवाब देने को कहा है। जस्टिस महेन्द्र गोयल ने यह निर्देश मुनेश की याचिका पर दिया। मुनेश की ओर से सीनियर एडवोकेट अशोक मेहता ने कहा कि प्रार्थिया को ना तो प्राथमिक जांच से पहले सुनवाई का मौका दिया गया और न ही निलंबित करने से पहले। राज्य सरकार की यह कार्रवाई प्राकृतिक न्याय सिद्दांतों का उल्लंघन है। इसलिए उसके निलंबन आदेश की क्रियांविति पर रोक लगाकर, उसे रद्द किया जाए। जिस पर राज्य सरकार के एएजी जीएस गिल की ओर से जवाब के लिए समय मांगा। दरअसल, मुनेश को 23 सितंबर 2024 को तीसरी बार निलंबित करने के बाद राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में केविएट दायर कर दी थी, ताकि हाईकोर्ट से कोई भी आदेश होने से पहले राज्य सरकार का पक्ष भी सुना जाए। बता दें कि तत्कालीन राज्य सरकार ने मुनेश को 5 अगस्त 2023 और 26 सितंबर 2023 को भी मेयर पद से निलंबित किया था, लेकिन दोनों ही बार मुनेश को हाईकोर्ट से राहत मिली और वे मेयर की कुर्सी पर वापस बैठीं।


