संत शिरोमणि संत रविदास की 649वीं जयंती के अवसर पर शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाज के सदस्य और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पूरे शहर में संत रविदास के भजनों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा का शुभारंभ विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसमें संत रविदास की एक आकर्षक झांकी शामिल थी, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहां नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर इसका स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी। इस अवसर पर एडवोकेट बालकिशन चौधरी और राजेंद्र चौधरी ने संत रविदास के जीवन तथा उनके सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत रविदास के विचार आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। युवा अचल नाथ ने बताया कि संत रविदास ने सदैव एकता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया। शोभायात्रा का समापन सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। इस मौके पर समाज के सदस्यों ने संत रविदास द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।


